भाजपा प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री मोदी के संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान का किया बचाव, राजनीतिक हालात को दो विचारधाराओं की लड़ाई बताया
आज का चौपाल | संवाददाता
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने गुरुवार को विपक्ष पर अराजकता का माहौल बनाने और लोकतंत्र व संविधान को कमजोर करने के आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान का बचाव करते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां दो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच संघर्ष को दर्शाती हैं।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाटिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान की मूल भावना का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि मोदी ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लंबे समय तक संवैधानिक तरीके से देश की सेवा की है और यह सभी के लिए प्रेरणा का विषय है।
विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप
गौरव भाटिया ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ संवैधानिक मूल्यों और जनता की सेवा को प्राथमिकता देने की बात की जा रही है, जबकि दूसरी ओर विपक्ष पर अराजकता का माहौल बनाने के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को खत्म करने और संविधान को कमजोर करने जैसे आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की ओर से लोकतंत्र और संविधान को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। भाटिया ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य और प्रमाण भी सामने रखने चाहिए।
दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष बताया
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि देश में मौजूदा राजनीतिक हालात को केवल राजनीतिक विरोध के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह दो विचारधाराओं के बीच संघर्ष का विषय है। उनके अनुसार एक ओर संवैधानिक मूल्यों और जनता की सेवा को प्राथमिकता देने की बात है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष की राजनीति को लेकर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए।
भाटिया ने विपक्षी दलों से लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और संवैधानिक व्यवस्था के दायरे में रहकर राजनीतिक गतिविधियां संचालित करने की बात कही।
आम आदमी पार्टी पर भी साधा निशाना
भाजपा प्रवक्ता ने आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने पार्टी की राजनीतिक कार्यशैली को लेकर सवाल उठाते हुए चुनाव के दौरान उम्मीदवारों को परेशान करने और उनके काम में बाधा डालने के आरोप लगाए। इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का भी हवाला दिया।
भाटिया ने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनावी प्रक्रिया में लोकतांत्रिक मर्यादाओं और कानून के दायरे का पालन करना चाहिए। उन्होंने विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने के दावों के समर्थन में ठोस आधार सामने रखा जाना चाहिए।


