पीएम मोदी पर निशाना, कहा- जनता की चिंताओं से बेखबर होकर उपलब्धियों का जश्न मनाने में व्यस्त है सरकार
आज का चौपाल | संवाददाता
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि देश आर्थिक चुनौतियों की ओर बढ़ रहा है, जबकि केंद्र सरकार अपनी उपलब्धियों का जश्न मनाने में व्यस्त है।
आरबीआई ने 7 अक्टूबर को रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया। यह फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है। केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति का रुख भी ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है।
रेपो रेट में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने 1961 में आई फिल्म ‘हम दोनों’ के एक गीत की पंक्तियों का संदर्भ देते हुए सरकार पर तंज कसा और आरोप लगाया कि देश की आर्थिक चिंताओं के बीच सरकार जश्न मनाने में व्यस्त है।
कर्ज की ईएमआई बढ़ने की आशंका
कांग्रेस ने रेपो रेट बढ़ाए जाने के बाद आम लोगों पर पड़ने वाले संभावित आर्थिक प्रभाव को भी मुद्दा बनाया। रेपो रेट में बढ़ोतरी से बैंकों के लिए कर्ज की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर नए कर्ज लेने वालों के साथ-साथ फ्लोटिंग रेट वाले मौजूदा कर्ज पर भी पड़ सकता है। इससे होम लोन, कार लोन और अन्य कर्ज की ईएमआई बढ़ने की संभावना रहती है।
जयराम रमेश ने एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए इसी संभावित असर की ओर ध्यान दिलाया। रिपोर्ट में कहा गया था कि आरबीआई की ओर से ब्याज दर बढ़ाए जाने के बाद मौजूदा कर्ज की किस्त और नए कर्ज की लागत बढ़ सकती है। कांग्रेस ने इसी मुद्दे को लेकर सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए।
आरबीआई ने महंगाई के दबाव के बीच बढ़ाया रेट
आरबीआई का यह फैसला बढ़ती महंगाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच आया है। केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट बढ़ाने के साथ आर्थिक वृद्धि को लेकर अपना वित्त वर्ष 2026-27 का अनुमान 7.1 प्रतिशत किया है। वहीं महंगाई को लेकर भी दबाव बना हुआ है।
आरबीआई के अनुसार आगे की मौद्रिक नीति संबंधी कार्रवाई महंगाई और आर्थिक वृद्धि की स्थिति पर निर्भर करेगी। ऐसे में आने वाले महीनों में ब्याज दरों को लेकर बाजार और कर्ज लेने वाले दोनों की नजर केंद्रीय बैंक के अगले फैसलों पर रहेगी।


