चौपाल संवाद, महोबा। बहुजन अधिकार सेना ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को दो ज्ञापन सौंपे। संगठन ने सुल्तानपुर के जिलाधिकारी के स्थानांतरण के साथ ही मान्यवर कांशीराम, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव तथा डॉ. सोनेलाल पटेल को मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की मांग की।
प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट हरिशंकर राव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट कर्मियों पर भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए। संगठन का दावा है कि कलेक्ट्रेट और तहसील परिसरों में तैनात कुछ कर्मचारी, विशेष रूप से नायब नाजिर अलेक्सेंडर सिंह और स्टेनो उमेश सिंह, लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। बहुजन अधिकार सेना के अनुसार, यह स्थानांतरण नीति का उल्लंघन है, जिससे भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग की आशंकाएं बढ़ी हैं।
संगठन ने अनुसूचित जाति वर्ग के विशेष कार्याधिकारी के साथ कथित भेदभाव की निष्पक्ष जांच की भी मांग की। उनका आरोप है कि सुल्तानपुर के वर्तमान जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने इन शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। संगठन ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी के स्थानांतरण की मांग की है।
दूसरे ज्ञापन में मान्यवर कांशीराम, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और डॉ. सोनेलाल पटेल को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की अपील की गई। संगठन का तर्क है कि इन तीनों विभूतियों ने दलितों, पिछड़ों, किसानों और शोषितों के अधिकारों तथा सामाजिक न्याय के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उन्हें यह सम्मान देना करोड़ों वंचितों और सामाजिक न्याय की भावना का सम्मान होगा।

