बैंक शाखा और आईएफएससी कोड नहीं खुलने से लेकर पुराने रजिस्ट्रेशन नंबर गलत बताने तक की समस्या, 15 अक्टूबर तक पुराने आवेदकों को करना है आवेदन
आज का चौपाल | संवाददाता, कानपुर।
कानपुर। समाज कल्याण विभाग के छात्रवृत्ति पोर्टल में आ रही तकनीकी खामियां हजारों छात्र-छात्राओं के लिए परेशानी का कारण बन गई हैं। पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थी ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। बैंक शाखा और आईएफएससी कोड का विकल्प नहीं खुलने, पुराने छात्रवृत्ति रजिस्ट्रेशन नंबर को गलत बताने तथा आधार से जानकारी आने के बाद फोटो गायब होने जैसी समस्याओं से विद्यार्थी जूझ रहे हैं। संस्थानों से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 60 हजार छात्र-छात्राओं के आवेदन विभिन्न स्तरों पर अटके हुए हैं।
छात्र इन समस्याओं को लेकर कॉलेज, विश्वविद्यालय और समाज कल्याण विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल पा रही है। ऐसे में आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ विद्यार्थियों की चिंता बढ़ती जा रही है।
75 प्रतिशत विद्यार्थियों के आवेदन अटके
संस्थानों से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 75 प्रतिशत विद्यार्थियों के आवेदन विभिन्न स्तरों पर अटके हुए हैं। नए आवेदकों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित है, जबकि पुराने आवेदकों को 15 अक्टूबर तक आवेदन करना है। ऐसे में तकनीकी खामियां दूर नहीं होने पर विद्यार्थियों को निर्धारित समय के भीतर आवेदन पूरा करने में परेशानी हो सकती है।
शहर में हर साल पूर्वदशम छात्रवृत्ति के तहत करीब छह हजार और दशमोत्तर छात्रवृत्ति के तहत लगभग 73 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिलता है। इस वर्ष भी आवेदन प्रक्रिया जारी है, लेकिन पोर्टल की समस्याएं विद्यार्थियों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
बैंक शाखा चुनने का विकल्प नहीं खुल रहा
ऑनलाइन आवेदन के दौरान विद्यार्थियों को बैंक से संबंधित जानकारी भरनी होती है। पोर्टल पर बैंक का नाम चुनने का विकल्प दिखाई दे रहा है, लेकिन कई मामलों में बैंक की शाखा और आईएफएससी कोड का विकल्प नहीं खुल रहा है। खासकर शहरी क्षेत्रों की बैंक शाखाओं से जुड़े विद्यार्थियों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
बैंक का नाम चुनने के बाद आगे की जानकारी दर्ज नहीं हो पा रही है, जिससे आवेदन फॉर्म अधूरा रह जाता है। विद्यार्थी बार-बार प्रयास करने के बावजूद आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
पुराने विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन नंबर भी गलत
दूसरे और तीसरे वर्ष में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी पोर्टल की तकनीकी खामियों से जूझना पड़ रहा है। कई मामलों में पोर्टल पुराने छात्रवृत्ति रजिस्ट्रेशन नंबर को गलत बता रहा है। इससे विद्यार्थी आवेदन की अगली प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
जिन विद्यार्थियों को अपना छात्रवृत्ति रजिस्ट्रेशन नंबर या पासवर्ड याद नहीं है, वे रोल नंबर के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, सही रोल नंबर दर्ज करने के बावजूद पोर्टल उसे गलत बता रहा है। इससे विद्यार्थियों की परेशानी और बढ़ गई है।
आधार से जानकारी आ रही, लेकिन फोटो गायब
आवेदन प्रक्रिया में आधार नंबर के माध्यम से विद्यार्थियों की जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित हो रही है। कई मामलों में अन्य विवरण दिखाई दे रहे हैं, लेकिन विद्यार्थी की फोटो नहीं आ रही है। ऐसे में छात्र असमंजस में हैं कि आवेदन आगे बढ़ाएं या तकनीकी समस्या दूर होने का इंतजार करें।
फोटो और अन्य विवरणों से जुड़ी इस समस्या के कारण आवेदन पूरा करने में देरी हो रही है।
एक फॉर्म खोलने में लग रहे कई मिनट
तकनीकी खामियों के साथ पोर्टल की धीमी गति भी विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों के लिए परेशानी बनी हुई है। विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए कुछ संस्थानों में टीम बनाई गई हैं। टीम के सदस्यों के अनुसार, पोर्टल पर एक फॉर्म खोलने में ही कई मिनट लग रहे हैं। फॉर्म खुलने के बाद कभी बैंक शाखा, कभी आईएफएससी कोड तो कभी रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ी समस्या सामने आ जाती है। इससे आवेदन प्रक्रिया बार-बार बाधित हो रही है।
अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग
एक ओर विद्यार्थी पोर्टल पर आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षण संस्थानों की तरफ से उन्हें लगातार फॉर्म भरने के लिए कहा जा रहा है। विद्यार्थियों का कहना है कि जब तकनीकी समस्या उनकी ओर से नहीं है, तो आवेदन की अंतिम तिथि का दबाव भी केवल उन पर नहीं होना चाहिए।
विद्यार्थियों ने मांग की है कि पोर्टल की तकनीकी खामियों को जल्द दूर किया जाए और तकनीकी कारणों से आवेदन पूरा नहीं कर पाने वाले छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त समय दिया जाए, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित न रह जाए।
विद्यार्थियों की परेशानी
सत्यप्रिया शुक्ला ने बताया कि वह काफी समय से फॉर्म भरने का प्रयास कर रही हैं। कभी वेबसाइट धीमी चलती है तो कभी खुलने के बाद कई विकल्प दिखाई नहीं देते। कई दिन बीत जाने के बावजूद संस्थान की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि बैंक की शाखा और आईएफएससी कोड का विकल्प नहीं आ रहा है। कॉलेज की ओर से बार-बार प्रयास करने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन अभी तक फॉर्म नहीं भर पाया है।

