नई दिल्ली, एजेंसी। राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट की तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने के फैसले को लेकर एनटीए और मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गलती एनटीए की है, लेकिन सजा छात्रों को भुगतनी पड़ रही है। राहुल ने पेपर लीक की आशंका पर सवाल उठाते हुए एनटीए नेतृत्व की जवाबदेही तय करने और कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को यूजीसी-नेट की दोबारा परीक्षा को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

X पर एक पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया, “यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रह गई है। यह तो बस पैसा वसूलने वाली मशीन बन गई है।” उन्होंने आगे कहा कि मोदी जी, देखिए आपकी एनटीए ने अभी क्या किया है।

समाजशास्त्र, अंग्रेजी और कॉमर्स के लिए यूजीसी-नेट परीक्षाएं 22 से 30 जून के बीच हुई थीं। करीब दो महीने बाद एनटीए ने इन तीनों परीक्षाओं को रद्द कर दिया, क्योंकि गलत पेपर सेट किए गए थे और पुराने सवाल दोहराए गए थे।

जिन हजारों उम्मीदवारों ने वर्षों तक तैयारी की, फॉर्म भरे, फीस दी और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक सफर किया, उन्हें अब सितंबर में यह पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी होगी। राहुल गांधी ने कहा कि गलती एनटीए करता है, लेकिन सजा छात्रों को भुगतनी पड़ती है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता ने आगे कहा, “मैंने कोटा, देहरादून और प्रयागराज में यह बात कही थी और आगे भी कहता रहूंगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह अब कोई शिक्षा व्यवस्था नहीं रह गई है, बल्कि “एक एक्सट्रैक्शन मशीन” बन गई है, जो छात्रों का पैसा, साल, मानसिक सेहत और आत्मविश्वास छीन लेती है और बदले में कुछ नहीं देती। यहां तक कि नौकरी भी नहीं।

राहुल गांधी ने कहा कि एनटीए अब भी असली सवालों का जवाब नहीं दे रहा है।