कहा- छात्रों ने संयम से काम लिया, पूरे देश में बदलेगा सिस्टम; जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस ने केंद्र पर साधा निशाना
नई दिल्ली, एजेंसी। झारखंड में छात्रों और सरकार के बीच सहमति बनने के बाद राहुल गांधी ने छात्रों की भूख हड़ताल खत्म होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि छात्रों के सवालों का जवाब मिलना चाहिए और निष्पक्ष प्रतियोगिता व भर्ती व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।
झारखंड के छात्रों और राज्य सरकार के बीच सोमवार रात सहमति बन गई। इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। यह खबर सुनकर अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड सरकार ने बातचीत का रास्ता चुना और समाधान निकाला। छात्रों ने संयम बरता और अपनी बात रखी। यही सही तरीका है। जब छात्र सवाल उठाएं तो उन्हें जवाब मिलना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस देश के हर छात्र के साथ खड़ी है। उन्होंने निष्पक्ष प्रतियोगिता और भर्ती व्यवस्था में बदलाव का वादा करते हुए कहा कि ऐसा सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिसमें हर छात्र को अपनी मेहनत का पूरा फल मिले और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अधिकार हो। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम पूरे देश में बदलेगा और ऐसा ढांचा तैयार किया जाएगा, जो छात्रों को आगे बढ़ाए, न कि उन्हें पीछे रोके।
जाति जनगणना को लेकर केंद्र पर आरोप
कांग्रेस ने मंगलवार को मोदी सरकार पर जाति जनगणना को बाधित करने का आरोप लगाया। पार्टी ने सवाल उठाया कि 2027 की जनगणना में जाति संबंधी जानकारी जुटाने के लिए ड्रॉप-डाउन मेन्यू क्यों शामिल नहीं किया गया, जबकि केंद्र ने सितंबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट में अपने हलफनामे में इसकी सिफारिश की थी।
विपक्षी दल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने 30 अप्रैल 2025 को जाति जनगणना कराने की घोषणा कर पहले के रुख से यू-टर्न लिया था। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
जयराम रमेश ने कहा कि 21 सितंबर 2021 को मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर जाति जनगणना की याचिका को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा कि हलफनामे के पैरा 12(डी) में 2011 की जनगणना से पहले जाति का कोई रजिस्टर तैयार नहीं किए जाने का उल्लेख था।
रमेश के अनुसार, केंद्र ने उस समय कहा था कि जाति रजिस्टर तैयार करने के लिए जातियों के चयन हेतु ड्रॉप-डाउन मेन्यू दिया जाना आदर्श होगा, जिससे विश्वसनीय और सुसंगत आंकड़े उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि बिहार और तेलंगाना में जाति सर्वेक्षण किए जाने से पहले इस तरह का मेन्यू तैयार किया गया था।
रमेश ने कहा कि यह सुझाव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से पांच मई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में भी शामिल था। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार जाति जनगणना को नाकाम करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 30 अप्रैल 2025 को जाति जनगणना कराने की घोषणा की, जबकि इससे पहले सरकार की ओर से इस मांग की आलोचना की जाती रही थी।


