कानपुर। नगर निगम में ठेकेदारों पर कार्रवाई के बाद अब भ्रष्टाचार से जुड़ी छह नई शिकायतें पुलिस तक पहुंची हैं। शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम के बाबू और इंजीनियर अपने रिश्तेदारों के नाम पर कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये के ठेके ले रहे हैं। कुछ बड़े अधिकारियों पर भी रिश्तेदारों के नाम पर कंपनियां बनाकर ठेके लेने का आरोप लगाया गया है। शिकायतों की जांच के लिए स्टाफ ऑफिसर (एडीसीपी) योगेश कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मंगलवार को पुलिस ने दो ठेकेदारों संदीप जैन और रज्जन बाजपेई को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं, ठेकों में फर्जीवाड़े और धमकाने के मामले के कथित सरगना आगरा निवासी गोविंद शर्मा की पुलिस तलाश कर रही है। ठेकेदारों पर करोड़ों रुपये के टेंडर हासिल करने के लिए फर्जीवाड़ा करने और लोगों को धमकाने का आरोप है।

आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में भी शिकायत

बुधवार को नगर निगम में वर्तमान और कुछ पूर्व कर्मचारियों ने पुलिस को शिकायतें भेजीं। इनमें आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में भी कथित मनमानी और माफियागिरी किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि ठेके में उन्हीं लोगों की भर्ती की जाती है, जो कथित तौर पर माफिया को रुपये देते हैं।

आरोप है कि वास्तविक जरूरत से कम कर्मचारियों की भर्ती की जाती है, जबकि रिकॉर्ड में संख्या अधिक दिखाई जाती है। इसके जरिए अतिरिक्त वेतन के नाम पर भी रकम का बंदरबांट किए जाने की शिकायत की गई है।

स्टोर रूम में भी गड़बड़ी का आरोप

शिकायतों में नगर निगम के स्टोर रूम में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। कम सामान खरीदे जाने के बावजूद अधिक मात्रा का बिल बनाए जाने और घटिया सामग्री खरीदकर उसकी कीमत अधिक दर्शाने की बात कही गई है। पुलिस अब इन शिकायतों की भी जांच करेगी।

छह कंपनियों पर कार्रवाई

नगर निगम के टेंडरों में अनियमितता के आरोपों के बीच कार्रवाई का सिलसिला भी जारी है। मंगलवार तक पांच कंपनियों को नगर आयुक्त ने ब्लैकलिस्ट कर दिया था। छठी कंपनी की जांच चल रही थी, जिसे बुधवार को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार दिव्या इंटरप्राइजेज को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है। इसके मालिक मुकेश कुमार बताए गए हैं। पुलिस का आरोप है कि कंपनी ने जालसाजी कर टेंडर हासिल किए और करोड़ों रुपये के ठेके उठाए। कंपनी के खिलाफ जल्द एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

गोविंद शर्मा की तलाश जारी

नगर निगम के टेंडरों में कथित खेल कर ठेके बांटने का मुख्य आरोपी आगरा निवासी गोविंद शर्मा अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। कानपुर पुलिस उसकी तलाश में राजस्थान के एक आश्रम तक पहुंची थी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही गोविंद वहां से फरार हो गया।

पुलिस के हाथ उसकी कार लगी है। अब एक टीम गोविंद की काले रंग की इनोवा हाईक्रॉस कार यूपी 80 एचएल 9393 को लेकर कानपुर लौट रही है। पुलिस का कहना है कि गोविंद अभी भी राजस्थान के किसी शहर में छिपा हुआ है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।