आरटीओ दफ्तर में ‘रफ’ और ‘फेयर’ रजिस्टर का खेल, चार बिंदुओं पर जांच में गड़बड़ी उजागर
आरटीओ दफ्तर में ‘रफ’ और ‘फेयर’ रजिस्टर का खेल, चार बिंदुओं पर जांच में गड़बड़ी उजागर
कानपुर। कानपुर आरटीओ कार्यालय में हुई छापेमारी के बाद पुलिस और प्रशासन की संयुक्त जांच में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। जांच टीम ने चार प्रमुख बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की है। इसमें काउंटर नंबर छह से कैश के हिसाब-किताब के दो रजिस्टर—‘रफ’ और ‘फेयर’—मिलना, कैश काउंटर के अंदर सीसीटीवी कैमरा न होना, बाबुओं की कुर्सी पर बाहरी लोगों के बैठने और रसीद के मुकाबले सात हजार रुपये कम मिलने का मामला शामिल है।
तीन दिन पहले आरटीओ कार्यालय में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई करीब चार घंटे चली थी। जांच में सामने आई गड़बड़ियों को चार प्रमुख बिंदुओं में बांटकर रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर को भेजी जाएगी। इसके बाद इसे शासन को भेजे जाने की भी संभावना है। कार्रवाई मुख्यमंत्री के साथ शनिवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मिले निर्देशों के बाद की गई थी।
11 दलाल पकड़े गए, दो अभी फरार
जांच के दौरान 11 दलालों को पकड़ा गया था। इनके खिलाफ काकादेव थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। एफआईआर में आरटीओ कार्यालय के दो बाबुओं के नाम भी शामिल किए गए हैं। इनके काउंटर पर नकदी में अनियमितता मिलने की बात सामने आई थी। दो दलाल अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
एसडीएम सदर अनुभव सिंह और एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधारकर रामटेकसे ने संयुक्त रूप से जांच रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के आधार पर बड़ी कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं।
दलालों ने खोला कर्मचारियों को हिस्सा देने का राज
जांच के दौरान पकड़े गए 11 दलालों के पास कुल 43,485 रुपये मिले थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे निर्धारित सरकारी शुल्क से अधिक रकम लेकर वाहनों का पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का काम कराते हैं। दलालों ने यह भी बताया कि उनकी कमाई का एक हिस्सा आरटीओ कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को दिया जाता है, जिससे काम आसानी से हो सके। अधिकारियों के मुताबिक बरामद रकम ग्राहकों से ही वसूली गई थी।
रसीद 21 हजार की, वसूले 26 हजार
जांच में ट्रक चालक कामता प्रसाद ने बताया कि उसका चालान 26 हजार रुपये का था, लेकिन काउंटर नंबर चार पर बैठे व्यक्ति ने उसे 21 हजार रुपये की रसीद दी। जब काउंटर के बाबू को सामने लाया गया तो कामता प्रसाद ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया। इससे आशंका जताई गई कि बाबुओं की जगह बाहरी लोग भी काउंटर पर बैठकर रसीद काटने और कैश जमा करने का काम कर रहे थे।
सात हजार रुपये का हिसाब नहीं मिला
काउंटर नंबर छह पर जमा रसीदों और मौके पर मौजूद नकदी का मिलान करने पर सात हजार रुपये की कमी मिली। संबंधित बाबू रकम के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जांच अधिकारियों ने आशंका जताई कि कार्रवाई के दौरान रकम को इधर-उधर किया गया हो सकता है।
जांच में कैश के हिसाब-किताब से जुड़े दो रजिस्टर भी मिले। इनमें एक ‘रफ’ और दूसरा ‘फेयर’ रजिस्टर था। दोनों रजिस्टर मिलने से सरकारी कैश के हिसाब-किताब में गड़बड़ी की आशंका और गहरा गई है।
कैश काउंटर के अंदर सीसीटीवी नहीं
जांच में आरटीओ परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। कैश काउंटर के बाहर कैमरा लगा था, लेकिन अंदर की तरफ कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं मिला। पूरे परिसर में भी कैमरों की संख्या पर्याप्त नहीं पाई गई। अधिकारियों के मुताबिक मुख्य गेट पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती भी नहीं थी और बाहरी लोगों की कार्यालय में बेरोकटोक आवाजाही मिली।
शिकायतों की पुष्टि, बड़ी कार्रवाई के संकेत
जांच टीम ने चारों बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। विभाग से संबंधित जो शिकायतें जांच में सामने आई थीं, उनमें गड़बड़ियां सही पाई गई हैं। एक-दो दिन में रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश पर होगी।
— सुमित सुधारकर रामटेकसे, एडीसीपी ऑपरेशन
