विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन सीटों के लिए हुआ मतदान, भाजपा-सपा के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई
नोएडा, संवाददाता। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की द्विवार्षिक निर्वाचन प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को 11 सीटों पर मतदान संपन्न हो गया। मतगणना के बाद 27 अक्टूबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव को सत्तारूढ़ भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शाम चार बजे तक अमरोहा जिले में सबसे अधिक 93.8 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मुरादाबाद में 75.31 प्रतिशत, रामपुर में 74.86 प्रतिशत और संभल में 71.80 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अधिकारियों के अनुसार, संभल और अमरोहा में मतदान के आंकड़ों में बदलाव संभव है। पोलिंग पार्टियों के अंतिम रिकॉर्ड का मिलान होने के बाद मतदान का अंतिम प्रतिशत स्पष्ट होगा।
मेरठ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी मतदान संपन्न हुआ। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 26.76 प्रतिशत और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 56.03 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जिले में 13 मतदान केंद्रों के 75 मतदेय स्थलों पर मतदान कराया गया। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 31,169 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 9,845 मतदाता पंजीकृत थे। स्नातक सीट पर सुबह 10 बजे तक 7.12 प्रतिशत और दोपहर 12 बजे तक 8.30 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सुबह 10 बजे तक 10.26 प्रतिशत, दोपहर 12 बजे तक 12.86 प्रतिशत और दोपहर दो बजे तक 37 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
गोरखपुर में डीएवी डिग्री कॉलेज में भाजपा और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। यह टकराव सपा प्रत्याशी डॉ. संजय त्रिपाठी के सामने हुआ। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के सभी 17 जिलों में मतदान समाप्त हो गया। यहां कुल 79.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
साहिबाबाद में विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए शुक्रवार सुबह आठ बजे से ही मतदाता मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। इंदिरापुरम के मकनपुर स्थित बालिका इंटर कॉलेज में भी बड़ी संख्या में महिला और पुरुष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
अब सभी की निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना और घोषित होने वाले परिणामों पर टिकी हैं।

