फतेहपुर के पेड़ा और सूतफेनी को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर जोर

आज का चौपाल , फतेहपुर

जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, फतेहपुर की ओर से शुक्रवार को ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ कार्यक्रम के अंतर्गत पैकेजिंग विषय पर कार्यशाला का आयोजन विकास भवन सभागार में किया गया। कार्यशाला में भारतीय पैकेजिंग संस्थान, लखनऊ के विशेषज्ञों ने उद्यमियों को आधुनिक पैकेजिंग तकनीक, उत्पादों की गुणवत्ता, लेबलिंग और ब्रांडिंग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

कार्यशाला में भारतीय पैकेजिंग संस्थान, लखनऊ के विशेषज्ञ प्रोफेसर अंशुमान श्रीवास्तव एवं डॉ. शिवी केसरवानी ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पैकेजिंग के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर अंशुमान श्रीवास्तव ने बताया कि सही लेबलिंग और बारकोड के माध्यम से उपभोक्ताओं को उत्पाद की निर्माण तिथि, बैच संख्या, पोषण संबंधी जानकारी तथा निर्माता का विवरण आसानी से उपलब्ध कराया जा सकता है।

विशेषज्ञों ने पर्यावरण अनुकूल स्मार्ट पैकेजिंग, खाद्य सुरक्षा मानकों, क्यूआर कोड, न्यूट्रिशन लेबलिंग और बारकोडिंग जैसी निर्यात के अनुकूल तकनीकों की जानकारी दी। इसके साथ ही प्रतिभागियों को वैक्यूम पैकेजिंग और इंडक्शन सीलिंग जैसी आधुनिक मशीनों के संचालन के बारे में भी बताया गया।

उपायुक्त उद्योग अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जनपद फतेहपुर के प्रसिद्ध व्यंजन पेड़ा और सूतफेनी को वैज्ञानिक एवं आकर्षक पैकेजिंग के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप तैयार करना है। उन्होंने कहा कि बेहतर पैकेजिंग, प्रभावी ब्रांडिंग, उचित लेबलिंग और गुणवत्ता मानकों का पालन करके स्थानीय उत्पादों की पहचान को व्यापक बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस पहल से स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों को अपने उत्पादों के विपणन के बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही उनकी आय में वृद्धि होगी और जनपद के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को नई पहचान मिलेगी।

कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी ने की। इस दौरान विशेषज्ञों ने उपस्थित उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्रतिभागियों को बताया गया कि आधुनिक पैकेजिंग तकनीकों को अपनाकर उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने और बाजार में प्रतिस्पर्धा मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

कार्यशाला में परियोजना निदेशक, डीआरडीए, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन फतेहपुर चैप्टर के चेयरमैन अभिमन्यु सिंह, द यूपी राइस मिलर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र उमराव, उपायुक्त उद्योग, सहायक आयुक्त उद्योग, उद्यमी मित्र, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी तथा जनपद के विभिन्न उद्यमी उपस्थित रहे।

कार्यशाला के माध्यम से स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और फतेहपुर के उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में प्रयास किया गया।