चार प्रमुख मांगों को लेकर खोला मोर्चा, सीएमओ को सौंपा पत्र
आज का चौपाल | जिला संवाददाता संजय दीक्षित
महोबा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदा एएनएम कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। एएनएम संघ संविदा जनपद महोबा की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र सौंपकर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की सूचना दी गई है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से मांगें उठाने के बावजूद शासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार संविदा एएनएम कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन एवं स्वास्थ्य विभाग का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। कई बार मांगों को अधिकारियों के समक्ष रखा गया, लेकिन अभी तक समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। इसी के चलते कर्मचारियों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है।
चार प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन
एएनएम संघ ने मुख्य रूप से चार मांगें उठाई हैं। इनमें समान काम के लिए समान वेतन, संविदा कर्मियों का स्थायीकरण, गृह जनपद स्थानांतरण और स्वास्थ्य बीमा की सुविधा शामिल हैं।
संघ का कहना है कि संविदा कर्मचारियों को लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें कई मूलभूत सुविधाओं और सेवा संबंधी अधिकारों का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। कर्मचारियों ने शासन से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
सीएमओ को सौंपा पत्र
संघ की महोबा इकाई की ओर से मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए गए पत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश इकाई के निर्देशों का हवाला देते हुए अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार कार्यक्रम की सूचना दी गई है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर शासन और विभाग की ओर से सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है। कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों के समाधान को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर
एएनएम संविदा कर्मियों के कार्य बहिष्कार के ऐलान के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती बढ़ सकती है। ग्रामीण एवं स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर एएनएम कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में आंदोलन लंबा चलने पर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों पर इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
अब देखना होगा कि संविदा एएनएम कर्मचारियों के आंदोलन के ऐलान के बाद स्वास्थ्य विभाग और शासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं तथा कर्मचारियों की चार प्रमुख मांगों को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।


