नई दिल्ली, एजेंसी। संसद के आगामी मानसून सत्र में सरकार को ‘चंदा चोरी’ से लेकर महंगाई और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार करने के लिए कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की नेता सोनिया गांधी के आवास पर गुरुवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई। बैठक में मानसून सत्र के दौरान उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों, सरकार को विभिन्न जनहित और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर घेरने की रणनीति तथा विपक्षी दलों के साथ समन्वय जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की गई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर बताया कि पार्टी मानसून सत्र के दौरान ‘चंदा चोरी–आस्था से धोखा’, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के सुनियोजित पतन, संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जे, राजनीतिक दलों को तोड़ने की राजनीति, विभिन्न घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों, बेलगाम महंगाई, विदेश नीति की विफलताओं और रणनीतिक चूकों, 3.5 करोड़ वाहन मालिकों पर एथेनॉल मिश्रण थोपने, अंधाधुंध वनों की कटाई तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर लगातार हो रहे हमलों जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार से जवाब मांगेगी। खड़गे ने कहा कि ये सभी गंभीर मुद्दे हैं, जो देश की जनता के जीवन और भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं। इन्हीं विषयों पर कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया और मानसून सत्र में सरकार को जवाबदेह बनाने की रणनीति तैयार की गई। बैठक में सोनिया गांधी के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश, वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, सांसद मनीष तिवारी सहित पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।