चौपाल संवाद
फतेहपुर। डायट में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण का द्वितीय दिवस आज जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान फतेहपुर में उप शिक्षा निदेशक आरती गुप्ता की अध्यक्षता में, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रिंसी मौर्या के निर्देशन एवं जिला समन्वयक प्रशिक्षण अशोक त्रिपाठी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण का उद्देश्य एआरपी को शैक्षणिक सत्र 2026-27 में लागू एनसीईआरटी आधारित हिंदी, गणित एवं अंग्रेजी की नवीन पाठ्यपुस्तकों, कार्यपुस्तिकाओं तथा अन्य शिक्षण-अधिगम सामग्रियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैयार करना है, ताकि वे विद्यालय स्तर पर शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहयोग प्रदान कर सकें।
प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस में कक्षा 1, 2, 3 में भाषा शिक्षण के विभिन्न कौशलों पर चर्चा-परिचर्चा की गई। मौखिक भाषा विकास में खुले छोर के प्रश्नों का क्या महत्व है, इसे शिक्षक संदर्शिका में बताए गए चरणों एवं पाठ्यपुस्तक तथा कार्यपुस्तिका में दी गई रणनीतियों के आधार पर कक्षा स्तर पर लागू करने की विधियों पर विशेष चर्चा हुई।
इसके साथ ही पठन क्या है, आदर्श वाचन, मार्गदर्शन में पठन, स्वतंत्र पठन, स्तरित पाठ आदि विषयों पर प्रस्तुतिकरण कर प्रतिभागियों के मध्य समझ विकसित की गई। लेखन क्या है, साझा लेखन किसे कहते हैं, मार्गदर्शन में लेखन क्या है और स्वतंत्र लेखन तक बच्चे कैसे पहुंचेंगे, इस पर भी चर्चा की गई। लेखन के दोनों प्रकारों—बुनियादी लेखन और अभिव्यक्ति के लिए लेखन—पर विस्तार से समझ विकसित कराई गई।
संदर्भदाता के रूप में डायट फतेहपुर से संजीव सिंह एवं भारती सिंह तथा राज्य स्तरीय संदर्भदाता (एसआरजी) राधेश्याम दीक्षित एवं जयचंद्र पांडेय ने प्रशिक्षण सत्रों का संचालन किया।
डायट प्रवक्ता शाइस्ता इकबाल, मानवेंद्र सिंह, राजेंद्र कुमार, अंतिमा राकेश सोनकर, अतुल कुमार यादव आदि उपस्थित रहे।
