नई दिल्ली, एजेंसी। नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर मंगलवार को राजधानी में सियासी घमासान तेज हो गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पहले 10, राजाजी मार्ग स्थित खरगे के आवास पर जुटकर प्रधानमंत्री आवास तक मार्च किया और फिर 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी से बातचीत करने पहुंचे और सरकार की ओर से संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा, लेकिन राहुल गांधी ने इसे ठुकराते हुए कहा कि पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, उसके बाद ही संसद में चर्चा होगी। कांग्रेस का कहना है कि जब तक उसकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने “प्रधानमंत्री इस्तीफा दो”, “गुंडागर्दी नहीं चलेगी” और “छात्रों को न्याय दो” जैसे नारे लगाए। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि सरकार चाहती थी कि विपक्ष विरोध वापस ले, लेकिन उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं। वहीं राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, छात्रों पर हुई कथित बर्बरता का जवाब देना होगा और सरकार संसद में चर्चा से बच रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी आरोप लगाया कि संसद के भीतर विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है और छात्रों का मुद्दा उठाने पर उनका माइक बंद कर दिया गया। यह प्रदर्शन विपक्ष के संसद मार्च के एक दिन बाद हुआ, जिसमें पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का विवाद सामने आया था। पुलिस का कहना है कि 118 पुलिसकर्मी घायल हुए और प्रदर्शनकारियों ने हिंसा की, जबकि विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। एहतियात के तौर पर दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।