कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और टीएमसी नेता आशीष बनर्जी की बीरभूम में मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। वह रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में मृत पाए गए। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उनके परिवार से बातचीत के बाद मामले की जांच पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस को यह भी पता लगाना चाहिए कि क्या बनर्जी को किसी तरह की धमकी मिली थी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस नेता आशीष बनर्जी रविवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित पार्टी कार्यालय में मृत पाए गए। वरिष्ठ टीएमसी नेता आशीष बनर्जी की मौत पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी कि क्या उन्हें किसी ने धमकी दी थी।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “मैंने कुछ देर पहले उनके परिवार से बात की। वह एक अच्छे राजनेता थे। उनके विधानसभा क्षेत्र से चुने गए भाजपा विधायक उनसे मिलने गए और उनके पैर छुए। उनके पूरे परिवार ने बताया कि स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के साथ उनके अच्छे संबंध थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।”
कॉल रिकॉर्ड और सुसाइड नोट की भी होगी जांच
सीएम अधिकारी ने कहा कि मामले में कॉल रिकॉर्ड की भी जांच की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके हाथ से लिखे सुसाइड नोट की भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट लेटरहेड पैड पर लिखा गया है और इसकी जांच होगी कि उसमें क्या लिखा है और उसके पीछे क्या कारण था।
उन्होंने कहा, “मेरे उनके साथ अच्छे संबंध थे और जब मैंने मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली, तो उन्होंने मुझे संदेश भेजकर कहा था कि वह मुझसे मिलने आएंगे। मैंने उनके परिवार से पुलिस के साथ सहयोग करने को कहा है।”
मुख्यमंत्री ने आशंका जताई कि टीएमसी के कुछ भ्रष्ट लोग उन्हें डराने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के चुनाव हारने के बाद उन्होंने एक समिति बनाई थी और आशीष बनर्जी ने तुरंत उससे इस्तीफा दे दिया था।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “पुलिस निश्चित रूप से कार्रवाई करेगी। मैं भी उनके परिवार से मिलने जाऊंगा, क्योंकि उनके साथ मेरे अच्छे संबंध थे।”
