केंद्र सरकार के अभियान से जुड़कर टीबी उन्मूलन को लेकर दिलाई गई जागरूकता की जानकारी
आज का चौपाल | जिला संवाददाता
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से बुधवार को “टीबी मुक्त भारत अभियान—जश्न टीम (फेज-1)” कार्यक्रम का शुभारंभ भारत मंडपम, नई दिल्ली से किया गया। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण वर्चुअल माध्यम से देश के सभी जनपदों में किया गया। इसी क्रम में फतेहपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में भी कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने की। इस अवसर पर जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, एनसीसी कैडेट तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। भारतीय जनता पार्टी के जिला महासचिव एवं सभासद पुष्पराज पटेल, ‘माई भारत’ वॉलंटियर्स, एएनओ (एनसीसी अधिकारी), एनसीसी कैडेट, जिला विद्यालय निरीक्षक श्रीमती प्रगति मिश्रा, अश्विनी कुमार, जीसी बीबीजीवीआरएएमजी, डॉ. साक्षी दुबे, असिस्टेंट प्रोफेसर मेडिकल कॉलेज, शिवशांत मिश्रा जिला मिशन मैनेजर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा कृषि विभाग से विवेक सिंह एवं अजय चौरसिया, कृषि विभाग के प्रतिनिधि, पुनीतवीर विक्रम, बीसीजी टीम लीडर, जिला चिकित्सालय पुरुष फतेहपुर से डॉ. एस.एस. शुक्ला, पीसीएमएसजेएवाई, ज्ञानेंद्र तिवारी, डीएचआई, अतुल पांडेय, डीजीएम पीएमजेएवाई सहित अन्य लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
टीबी मरीजों को प्रदान की गई पोषण पोटली
वर्चुअल कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जिला महासचिव द्वारा टीबी मरीजों को पोषण पोटली प्रदान की गई। इस दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि ‘माई भारत’ वॉलंटियर्स, एनसीसी कैडेट और क्लास-1 ऑफिसर (ब्लॉक स्तरीय समिति) के सहयोग से जिले में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को और मजबूत बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि टीबी की पहचान समय पर होना और मरीज को नियमित एवं पूरा उपचार मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। जनभागीदारी के माध्यम से टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मरीजों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
टीबी से बचाव को लेकर लोगों को किया जागरूक
कार्यक्रम के अंत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने टीबी से बचाव, रोकथाम, समय पर पहचान और उपचार के संबंध में लोगों को जागरूक किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि टीबी को नियंत्रित करने के लिए सामूहिक प्रयास और जनजागरूकता जरूरी है। उन्होंने टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने टीबी उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए विभागीय प्रयासों के साथ-साथ जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि समय पर जांच, सही उपचार और जागरूकता के माध्यम से टीबी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।


