आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में भारत-जापान साझेदारी पर जोर
वाराणसी। संवाददाता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के दौरान भारत और जापान के बीच बढ़ते सहयोग को भरोसे और आपसी विश्वास पर आधारित साझेदारी बताया। उन्होंने कहा कि जापान की तकनीकी दक्षता और सटीकता तथा उत्तर प्रदेश के हुनरमंद युवा, बड़ा बाजार और मजबूत कार्यबल दोनों देशों के सहयोग को नई दिशा दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जापान के संबंध केवल व्यापारिक लेन-देन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से आपसी विश्वास और मित्रता पर आधारित रहे हैं। उन्होंने जापान को भारत का सच्चा मित्र बताते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।
तकनीक और हुनर का बेहतर तालमेल
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जापान के पास तकनीक, आधुनिक ज्ञान और सटीकता की क्षमता है, जबकि उत्तर प्रदेश के पास बड़ी संख्या में कुशल युवा, विशाल बाजार और मजबूत कार्यबल उपलब्ध है। इन क्षमताओं के बीच बेहतर तालमेल से निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि करीब 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश एक बड़ा उपभोक्ता बाजार है। प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा और जापान की तकनीकी विशेषज्ञता का संयोजन दोनों देशों के आर्थिक एवं औद्योगिक सहयोग को और मजबूत कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने भारत-जापान संबंधों को भविष्य की संभावनाओं से जोड़ते हुए कहा कि तकनीकी दक्षता, कुशल मानव संसाधन और बड़े बाजार का मेल विकास की नई संभावनाएं पैदा कर सकता है।
आबे की स्मृति को समर्पित है कॉरिडोर
आबे मेमोरियल कॉरिडोर वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में तैयार किया गया स्मृति-समर्पित कॉरिडोर है। इसे जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की स्मृति तथा भारत-जापान मित्रता को समर्पित किया गया है।
शिंजो आबे भारत-जापान संबंधों को मजबूत करने वाले प्रमुख जापानी नेताओं में शामिल रहे हैं। वाराणसी से उनके विशेष जुड़ाव को भी भारत-जापान संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जाता है।
विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन को लेकर संजय राउत का आरोप
इसी बीच दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन को लेकर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। राउत ने दावा किया कि विपक्षी सांसदों को चुनाव आयोग के कार्यालय तक पहुंचने से रोका गया और पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जैसे वे आतंकवादी हों। राउत ने महिला सांसदों के साथ कथित दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप संजय राउत की ओर से लगाए गए हैं।
राउत ने सवाल उठाया कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त विपक्षी सांसदों से मुलाकात नहीं करते हैं तो क्या वे केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से ही मिलेंगे। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई सांसदों को हिरासत में लिया था। इसके बाद चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया।
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के दावों में स्पष्ट मतभेद हैं।
क्या है आबे मेमोरियल कॉरिडोर?
आबे मेमोरियल कॉरिडोर वाराणसी स्थित रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में तैयार किया गया स्मृति स्थल है। इसे जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की स्मृति और भारत-जापान की दोस्ती को समर्पित किया गया है। कॉरिडोर दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और राजनयिक संबंधों की याद को सामने लाने का माध्यम है।

