पणजी, एजेंसी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर उठे विवाद पर मंगलवार को अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने वही ‘वंदे मातरम्’ गाया है, जिसे महात्मा गांधी और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी गाते थे। उन्होंने कांग्रेस की 90 साल पुरानी परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि किसी सरकार के कहने भर से राष्ट्रीय मानक नहीं बदल जाता।

खड़गे ने कहा, “मैंने वही वंदे मातरम् गाया, जो महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू ने गाया था। अगर इसे गाना अपराध है तो आरोप लगाने वाले पिछले 18 साल से यह अपराध करते आ रहे हैं। अगर यह अपराध है तो गांधीजी, नेहरू जी और सरदार वल्लभभाई पटेल के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि उनके जन्म से पहले ही कांग्रेस ने एक प्रस्ताव पारित कर यह तय किया था कि देश के लिए कौन-सा राष्ट्रीय गीत अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि कोई सरकार जो कह दे, वही देश का मानक बन जाए। कल कोई दूसरी सरकार सत्ता में आ सकती है और उसके कुछ कहने मात्र से वह नियम नहीं बन जाएगा। कांग्रेस केवल 90 साल से चली आ रही परंपरा को आगे बढ़ा रही है।

गोवा में भाजपा और आरएसएस पर निशाना

स्वतंत्रता दिवस पर ‘वंदे मातरम्’ को लेकर हुए विवाद के बाद सोमवार को गोवा में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में खड़गे की मौजूदगी में ‘वंदे मातरम्’ की केवल दो पंक्तियां गाई गईं। इसके बाद दक्षिण गोवा में जनसभा को संबोधित करते हुए खड़गे ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा।

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तंज कसा और स्वतंत्रता संग्राम में भाजपा-आरएसएस के योगदान पर सवाल उठाया। खड़गे ने गोवा की सत्तारूढ़ पार्टी पर सरकार बनाने के लिए विधायकों को ‘अगवा’ करने का आरोप भी लगाया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने सोमवार को गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं के साथ बैठक भी की। इसमें 2027 में होने वाले गोवा विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति और अभियान पर चर्चा हुई। खड़गे ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेताओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर एकजुट होकर चुनाव लड़ने की अपील की है। उन्होंने कथित दबाव के बावजूद पार्टी कार्यकर्ताओं के हौसले की भी सराहना की।