एसआईआर पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को घेरा, बोले—इतने बड़े पैमाने पर नाम हटे तो पुनरीक्षण का क्या फायदा?
तिरुवनंतपुरम, एजेंसी। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर दोटूक जवाब देते हुए कहा कि वह कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हैं, इसलिए उनसे यह पूछना उचित नहीं है कि राहुल गांधी विदेश क्यों गए हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारियां होती हैं और वह इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शशि थरूर से पूछा गया कि जब दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन चल रहा है, तब राहुल गांधी विदेश क्यों गए हैं? इस पर थरूर ने कहा, “मैं कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हूं। मुझसे यह सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं है। मैं दिल्ली छोड़कर यहां क्यों आया हूं? हर व्यक्ति की अपनी कुछ जिम्मेदारियां होती हैं। इसलिए मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।”
एसआईआर को लेकर केंद्र और चुनाव आयोग पर निशाना
इस दौरान शशि थरूर ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर लोगों के मतदान के अधिकार प्रभावित हुए हैं। थरूर ने कहा कि किसी भी व्यक्ति से उसका मताधिकार छीनने का अधिकार किसी को नहीं है।
कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची से 90 लाख से अधिक लोगों के नाम हटा दिए गए। इनमें से केवल करीब 82 हजार लोगों की अपीलों पर सुनवाई हुई। उन्होंने दावा किया कि इन अपीलों में 91 प्रतिशत मामले ऐसे लोगों के थे, जिनके नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए थे।
थरूर ने सवाल उठाया कि यदि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए, तो फिर एसआईआर कराने का क्या फायदा हुआ? उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए।
फॉर्म-6 और फॉर्म-7 को लेकर उठाए सवाल
शशि थरूर ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने से संबंधित फॉर्म-6 और फॉर्म-7 की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि फॉर्म-6 को क्यों हटाया गया और फॉर्म-7 इतनी बड़ी संख्या में क्यों भरवाए गए। इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 2002 की मतदाता सूची को आधार बनाने के फैसले पर भी सवाल किया।
थरूर ने कहा कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े। उन्होंने एसआईआर की प्रक्रिया और उससे जुड़े फैसलों पर स्पष्टीकरण देने की जरूरत बताई।


