नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बाल शोषण और दुष्कर्म से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए 850 त्वरित अदालतों के विस्तार और सुदृढ़ीकरण को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर गंभीर है।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में शीघ्र सुनवाई सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए मौजूदा कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर नए कानून भी बनाए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि त्वरित अदालतों के विस्तार से पीड़ितों को लंबे इंतजार के बिना न्याय मिल सकेगा। साथ ही न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास मजबूत होगा।
इन अदालतों का मुख्य उद्देश्य बाल शोषण और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों की शीघ्र सुनवाई करना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।


