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200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के सुनियोजित विकास की तैयारी, पांच तहसीलों में फील्ड सर्वे और ग्राउंड सत्यापन शुरू
कानपुर। संवाददाता। कानपुर नगर और कानपुर देहात के पांच तहसीली क्षेत्रों में शामिल 80 राजस्व गांवों के विकास की तस्वीर अब बदलने की तैयारी है। महायोजना-2031 के तहत इन गांवों को सुनियोजित तरीके से विकसित करने के लिए केडीए ने प्रक्रिया तेज कर दी है। करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षणिक और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
शनिवार को केडीए में महायोजना-2031 को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें जिला प्रशासन के साथ पुलिस, यातायात, अग्निशमन, सिंचाई और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में इन गांवों की मौजूदा स्थिति और भविष्य में आवश्यक सुविधाओं को लेकर विभागवार जानकारी जुटाने पर जोर दिया गया। केडीए उपाध्यक्ष ने अधिकारियों से गांवों में उपलब्ध सुविधाओं, भूमि की जरूरत और भविष्य की विकास योजनाओं से संबंधित जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सर्वे से सामने आएगी गांवों की वास्तविक तस्वीर
महायोजना तैयार करने से पहले पांच तहसीलों के 80 राजस्व गांवों में फील्ड सर्वे और ग्राउंड सत्यापन शुरू हो गया है। टाउन प्लानिंग, जीआईएस और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गांव-गांव पहुंचकर वर्तमान स्थिति का आकलन कर रही है। सर्वे में गांवों की आबादी, सड़क नेटवर्क, वर्तमान भू-उपयोग, आवासीय कॉलोनियों, औद्योगिक इकाइयों, स्कूल-कॉलेज, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक सुविधाओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक सर्वे के आंकड़ों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि आने वाले वर्षों में किस क्षेत्र का इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाए। इससे अनियोजित निर्माण पर नियंत्रण के साथ सड़क, यातायात और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को भी बेहतर तरीके से दिशा दी जा सकेगी।
पुराने निर्माण भी होंगे योजना का हिस्सा
महायोजना में सिर्फ भविष्य में प्रस्तावित निर्माणों को ही शामिल नहीं किया जाएगा। पहले से मौजूद फैक्ट्रियों, औद्योगिक इकाइयों, स्कूल-कॉलेज, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और आवासीय कॉलोनियों की स्थिति का भी अध्ययन किया जा रहा है। इनके आसपास उपलब्ध सड़क, यातायात और अन्य सुविधाओं को देखते हुए भविष्य के विकास का खाका तैयार होगा।
मास्टर प्लान में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षणिक, सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक क्षेत्र, सड़क एवं परिवहन, पार्क तथा खुले क्षेत्रों के लिए अलग-अलग भू-उपयोग निर्धारित किए जाएंगे।
पांच तहसीलों में शामिल हैं गांव
महायोजना के दायरे में कानपुर सदर, नर्वल, बिल्हौर, अकबरपुर और मैथा तहसील क्षेत्र के गांव शामिल किए गए हैं। इनमें कई ऐसे गांव हैं जहां पिछले वर्षों में आबादी और निर्माण गतिविधियों में तेजी से विस्तार हुआ है। इन क्षेत्रों में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास की दिशा तय करने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक का संचालन केडीए सचिव अभय पांडेय ने किया। इसमें एडीएम सिटी, केडीए के कार्यवाहक मुख्य नगर नियोजक समेत पुलिस, यातायात, अग्निशमन, सिंचाई और अन्य विभागों के करीब 18 अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों का कहना है कि सर्वे और सत्यापन के बाद मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर महायोजना-2031 का प्रारूप तैयार किया जाएगा। इससे इन 80 गांवों में आने वाले समय के विकास को व्यवस्थित दिशा मिलने की उम्मीद है।
