बिहार के पूर्व मंत्री श्याम रजक ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में शामिल होते ही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और उसके नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। रविवार को जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की उपस्थिति में रजक ने जेडीयू की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर पार्टी प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और मंत्री विजय चौधरी समेत अन्य शीर्ष नेता भी मौजूद थे।

श्याम रजक ने हाल ही में 22 अगस्त को राजद से इस्तीफा दिया था और अब जेडीयू में वापसी कर रहे हैं। जेडीयू में शामिल होने के बाद रजक ने कहा कि वह काम करना चाहते हैं, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ऐसे नेता हैं जो वास्तव में काम पर ध्यान देते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो आजादी के 75 साल बाद भी पिछड़े हुए हैं।

रजक ने राजद में अपने अनुभव के बारे में कहा कि राजद में कार्यकर्ताओं के बजाय केवल परिवार के सदस्यों के बीच रिश्ते हैं। उन्होंने तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए कहा कि आरक्षण और जातिगत जनगणना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केवल बंद कमरों में बैठकर आंदोलन नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए सड़कों पर निकलकर पसीना बहाना पड़ता है।

रजक ने इस बात पर जोर दिया कि नीतीश कुमार ने बिहार में जाति आधारित जनगणना कराई और आरक्षण का दायरा बढ़ाने का फैसला किया, जो अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार में उनकी पूरी आस्था है, और यही कारण है कि वह जेडीयू में वापसी कर रहे हैं।

रजक ने राजद में शामिल होने के अपने फैसले को एक भावनात्मक भूल करार दिया और कहा कि वहां उन्हें अपमानित महसूस हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि राजद के आरोप हैं कि वह केवल सत्ता के कारण जेडीयू में लौटे हैं, लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि उन्होंने मंत्री पद छोड़कर राजद का साथ दिया था, लेकिन अंततः उन्हें निराशा हाथ लगी।