जमाखोरों पर प्रशासन का शिकंजा, चीनी-प्याज के दाम गिरे
कानपुर। जमाखोरों और कालाबाजारियों के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई का असर अब बाजार में दिखाई देने लगा है। चीनी और प्याज के दामों में गिरावट दर्ज की गई है। चीनी का थोक भाव घटकर 59 रुपये प्रति किलो और फुटकर भाव 65 रुपये प्रति किलो हो गया है। वहीं प्याज का थोक भाव 35 रुपये और फुटकर भाव 55 रुपये प्रति किलो पर आ गया है।
पिछले तीन दिनों में चीनी के थोक भाव में करीब सात रुपये प्रति किलो की कमी आई है। पहले चीनी 66 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रही थी। फुटकर बाजार में भी चीनी के दाम 68 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे।
कार्रवाई का दिखा असर
कानपुर में शासन और जिला प्रशासन की ओर से जमाखोरों, मिल संचालकों और स्टॉकिस्टों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद बाजार में कीमतों पर दबाव कम हुआ है। व्यापारियों के मुताबिक, चीनी की कृत्रिम किल्लत पैदा किए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। प्रशासन की कार्रवाई के बाद बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ने लगी है।
कानपुर शुगर मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल माहेश्वरी ने बताया कि चीनी की कृत्रिम किल्लत दिखाई जा रही थी। मिलों और स्टॉकिस्टों के खिलाफ कार्रवाई का असर अब बाजार में नजर आने लगा है। सरकार की ओर से चीनी आयात की घोषणा भी की गई है। बाजार में आयातित चीनी की उपलब्धता बढ़ने पर कीमतों में और गिरावट आने की उम्मीद है।
किराना व्यापारियों के अनुसार, चीनी का थोक भाव 66 रुपये से घटकर 59 रुपये प्रति किलो हो गया है। फुटकर में भी कीमत 65 रुपये प्रति किलो तक आ गई है। व्यापारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और कमी संभव है।
