मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत छह प्रतिशत प्रभावी ब्याज दर पर मिलेगा ऋण, पांच वर्ष या उससे अधिक होगी अवधि
फतेहपुर संवाददाता छोटे और सीमांत किसानों को कृषि क्षेत्र में निवेश के लिए आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत पात्र किसानों को अब छह लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। ऋण पर छह प्रतिशत की प्रभावी ब्याज दर निर्धारित की गई है और इसकी अवधि पांच वर्ष या उससे अधिक रखी गई है। योजना के माध्यम से किसानों को खेती और कृषि आधारित गतिविधियों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।
बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना सहित सहकारिता आधारित कई डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ किया। फतेहपुर में भी इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सरदार वल्लभभाई पटेल प्रेक्षागृह में किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सहकारिता विभाग के अधिकारियों, किसानों और विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
खेती के साथ कृषि आधारित गतिविधियों को भी मिलेगा सहारा
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का दायरा केवल पारंपरिक फसल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा गया है। कृषि और कृषि आधारित गतिविधियों के लिए भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को खेती से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने तथा कृषि क्षेत्र में निवेश करने के लिए दीर्घकालीन वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद मिल सकेगी।
किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ऋण की अवधि पांच वर्ष या उससे अधिक रखी गई है। इससे किसानों को ऋण चुकाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा और वे अपनी कृषि गतिविधियों से होने वाली आय के आधार पर वित्तीय दायित्व पूरा कर सकेंगे।
ऑनलाइन होगी ऋण आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया
योजना के तहत ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ा गया है। आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित करने का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाने के साथ ही किसानों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना है।
ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से किसानों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही आवेदन की प्रक्रिया और ऋण स्वीकृति से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराने में भी डिजिटल व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है।
खाद-उर्वरक की उपलब्धता पर रहेगी डिजिटल नजर
कार्यक्रम के दौरान किसानों से जुड़ी खाद और उर्वरक व्यवस्था को भी डिजिटल माध्यम से मजबूत करने की जानकारी दी गई। इसके लिए उर्वरक सेतु मोबाइल एप शुरू किया गया है। इस व्यवस्था के माध्यम से खाद और उर्वरक की उपलब्धता से संबंधित जानकारी की निगरानी को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है।
किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना कृषि व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। डिजिटल निगरानी व्यवस्था के जरिए उपलब्धता और वितरण से संबंधित गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सहकारी व्यवस्था के लिए यूपीसीडीसी की शुरुआत
सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर (यूपीसीडीसी) की भी शुरुआत की गई। इसके माध्यम से सहकारी व्यवस्था से जुड़े आंकड़ों और गतिविधियों की निगरानी एवं प्रबंधन को डिजिटल रूप से मजबूत करने की पहल की गई है।
अधिकारियों के अनुसार डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से सहकारी संस्थाओं के कामकाज में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसका सीधा लाभ सहकारी समितियों से जुड़े किसानों तक योजनाओं की पहुंच बेहतर बनाने में मिल सकता है।
सहकारी समितियों के आधुनिकीकरण पर जोर
कार्यक्रम में राज्यमंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास कृष्णा पासवान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों और सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के आधुनिकीकरण और डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने से किसानों तक विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कृषि क्षेत्र में किसानों को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने और सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
ड्राइवरों को भी सहकारी मॉडल से जोड़ने की पहल
कार्यक्रम के दौरान सहकारिता आधारित भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत की जानकारी भी दी गई। इसके माध्यम से टैक्सी और परिवहन क्षेत्र में काम करने वाले ड्राइवरों को सहकारी मॉडल से जोड़ने की पहल की गई है।
सहकारी मॉडल के माध्यम से ड्राइवरों को संगठित करने और उन्हें एक साझा व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में इस पहल को भी सहकारिता क्षेत्र में नई संभावनाओं से जोड़कर देखा गया।
फतेहपुर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
फतेहपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में राज्यमंत्री कृष्णा पासवान, जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल, बिंदकी विधायक जयकुमार सिंह जैकी, भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव और अपना दल जिलाध्यक्ष शैलेंद्र पटेल समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक अध्यक्ष प्रभुदत्त दीक्षित, एलडीबी चेयरमैन खागा अनिल मिश्रा, बिंदकी के बलराम सिंह चौहान, अयाह शाह के जितेंद्र सिंह और सुशील सिंह चंदेल समेत सहकारिता विभाग के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
पांच किसानों को अंगवस्त्र देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान जिले के पांच किसानों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। किसानों के सम्मान के साथ कार्यक्रम में कृषि एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई।
डीसीबी अध्यक्ष प्रभुदत्त दीक्षित ने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
विभिन्न विभागों के अधिकारी और किसान रहे मौजूद
कार्यक्रम में उपायुक्त श्रम एवं रोजगार, उप कृषि निदेशक, एआर को-ऑपरेटिव, जिला उद्यान अधिकारी, एलडीबी के पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में किसान भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
