कानपुर। कानपुर आरटीओ कार्यालय में सोमवार को हुई पुलिस व प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के तरीके पर उप परिवहन आयुक्त (डीटीसी) राम रतन सोनी ने सख्त आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यप्रणाली, कंप्यूटर लॉगिन और सरकारी नकदी की जांच करना पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
कानपुर के आरटीओ कार्यालय में सोमवार को पुलिस और प्रशासन की छापे के तरीके पर उप परिवहन आयुक्त (डीटीसी) राम रतन सोनी ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यप्रणाली, कंप्यूटर लॉगिन और कार्यालय की नकदी की जांच पुलिस या प्रशासन के अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है।
कार्रवाई के दौरान किस कमरे में क्या जांच हुई, किस कर्मचारी से क्या पूछताछ की गई और क्या मिला, इसकी बिंदुवार रिपोर्ट परिवहन आयुक्त को भेज दी गई है। मुख्यालय से रिपोर्ट मिलने और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
डीटीसी ने कहा कि जांच के दौरान कर्मचारियों से कंप्यूटर खुलवाकर लॉगिन करवाना और उनसे किए गए कार्यों का विवरण पूछने का तरीका उचित नहीं था। विभागीय कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और पटवार कामकाज की जांच विभागीय स्तर पर होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस का यह अधिकार नहीं है कि वह कंप्यूटर खुलवाकर लॉगिन करवाए। कार्यालय में रखी नकदी की जांच को भी उन्होंने संवेदनशील मामला बताया। उन्होंने कहा कि नकदी की जांच के लिए वित्त विभाग का निर्धारित प्रोटोकॉल है।
डीटीसी ने सवाल उठाया कि जांच के दौरान यदि कार्यालय की नकदी गायब या लूट हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दलालों के खिलाफ कार्रवाई से उन्हें कोई ऐतराज नहीं है। जिला प्रशासन पहले भी संदिग्ध लोगों के खिलाफ कार्रवाई करता रहा है, लेकिन कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में इस तरह हस्तक्षेप करना उचित नहीं है।
