नई दिल्ली, एजेंसी। लोकसभा ने विपक्ष के भारी हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सरकार ने इसे सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करने वाला कानून बताया। विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयानों और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर लगाए गए आरोपों पर सदन में तीखी नोकझोंक हुई। इसके बावजूद सरकार ने विधेयक को पारित करा लिया और कहा कि यह संशोधन सार्वजनिक परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक मामले में तेजी से कार्रवाई कर चुकी है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में एंटी पेपर लीक कानून लागू होने के बाद अब तक 52 एफआईआर दर्ज की गई हैं तथा पेपर लीक से जुड़े मामलों के कारण होने वाली आत्महत्याओं में भी कमी आई है। वहीं, चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों के आंदोलन को देश के युवाओं की भावनाओं और चिंताओं की अभिव्यक्ति बताते हुए कहा कि सभी राजनीतिक दलों को उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं से बातचीत के दौरान उन्हें शिक्षा व्यवस्था को देखने का नया नजरिया मिला तथा एक 18 वर्षीय छात्र ने उन्हें बताया कि सच्चा छात्र वही है, जिसका मन और मस्तिष्क खुला हो और जो मानता हो कि सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती।
