नई दिल्ली, एजेंसी। राहुल गांधी ने BPSC परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर विरोध कर रहे बिहार के छात्रों का समर्थन किया। साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने बल प्रयोग को सरकार की सोच का परिणाम बताया, जो छात्रों के भविष्य से जुड़े वैध सवालों को लाठियों से दबाकर जवाबदेही से बचना चाहती है। यह घटना भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध कर रहे छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लाठियों से सवालों को दबाया नहीं जा सकता और राज्य सरकार से जवाबदेही की मांग की।

मंगलवार को पटना में तनाव बढ़ गया, जब पुलिस ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर राजभवन और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे छात्रों को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।

‘एक्स’ पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा कि बिहार में छात्र सीधे सवाल पूछ रहे हैं—भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी क्यों होती है? पेपर लीक के आरोपों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती? और कब तक युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता रहेगा?

गांधी ने कहा कि BPSC परीक्षाओं को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है। छात्र लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न, देरी और पारदर्शिता की कमी को लेकर चिंता जताते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जवाब देने के बजाय सरकार क्या कर रही है? वह लाठी और वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर रही है। वह छात्रों को हिरासत में ले रही है। सिवान में तो प्रदर्शनकारियों पर एके-47 से फायरिंग की खबरें भी आईं।

कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि यह मामला सिर्फ पुलिस की कार्रवाई का नहीं है, बल्कि छात्रों की चिंताओं के प्रति भारतीय जनता पार्टी सरकार के रवैये का भी है।

गांधी ने कहा कि यह सिर्फ पुलिस की कार्रवाई का सवाल नहीं है, बल्कि BJP सरकार की सोच का सवाल है। जवाब न होने पर सरकार अपनी जवाबदेही से बचने के लिए पुलिस का इस्तेमाल एक हथियार के तौर पर कर रही है।