बाबा रामदेव बोले- न पतंजलि का घी नकली, न दवाई और न मैं; मुलाकात के दौरान बृजभूषण सिंह ने किया प्रणाम

नई दिल्ली। एजेंसी।

बाबा रामदेव और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच पिछले दिनों से चल रहा विवाद बुधवार को दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद खत्म हो गया। बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ सुनी-सुनाई बातों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के कारण बृजभूषण शरण सिंह के मन में गलतफहमी पैदा हो गई थी, जिसे मुलाकात के दौरान बातचीत के बाद दूर कर लिया गया।

रामदेव ने बताया कि बुधवार को उनकी बृजभूषण शरण सिंह से मुलाकात हुई। इस दौरान बृजभूषण सिंह ने उन्हें प्रणाम किया। रामदेव के अनुसार, बृजभूषण सिंह ने कहा कि वह संतों और सनातन परंपरा का हमेशा सम्मान करते हैं तथा देश के लिए रामदेव द्वारा किए जा रहे कार्यों का भी सम्मान करते हैं। रामदेव ने इसके लिए उनका धन्यवाद किया।

विवादित बयान के बाद बढ़ा था मामला

यह विवाद बृजभूषण शरण सिंह के बहराइच में दिए गए एक बयान के बाद बढ़ा था। उन्होंने पतंजलि और मिलावटी सामान को लेकर टिप्पणी की थी। बृजभूषण सिंह ने कथित तौर पर कहा था कि मिलावटी सामान बनाने के मामले में रामदेव सबसे आगे हैं।

उन्होंने यह भी कहा था कि समस्या केवल पतंजलि के घी तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव में नकली पनीर और खाद्य सामग्री की बिक्री से जुड़ी समस्या भी गंभीर है। उनके इस बयान के बाद मामला सार्वजनिक रूप से चर्चा में आया।

पतंजलि ने दाखिल किया था 50 करोड़ का मानहानि दावा

बयान के बाद पतंजलि फूड्स लिमिटेड की ओर से बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि दावा भी दाखिल किया गया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और चर्चा में आ गया।

हालांकि अब बाबा रामदेव ने स्वयं विवाद समाप्त होने की बात कही है। उनका कहना है कि मुलाकात के दौरान बातचीत से गलतफहमियां दूर हो गईं और वह इस मामले को आगे बढ़ाना नहीं चाहते।

रामदेव ने पतंजलि के उत्पादों पर उठे सवालों का दिया जवाब

विवाद खत्म होने की जानकारी देते हुए बाबा रामदेव ने पतंजलि के उत्पादों को लेकर उठाए गए सवालों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पतंजलि का गाय का घी नकली नहीं है और पतंजलि की कोई दवाई नकली नहीं है।

रामदेव ने अपने संन्यास को लेकर भी कहा कि उन्होंने संन्यास नशे या किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं लिया है। उनका कहना है कि वह प्रमाणिकता के साथ संन्यास का जीवन जी रहे हैं।

विवाद बढ़ाने के बजाय खत्म करने पर जोर

बाबा रामदेव ने कहा कि वह किसी भी विवाद को आगे बढ़ाना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि साधु बनने का उनका उद्देश्य भी यही है कि विवादों को बढ़ाने के बजाय उन्हें समाप्त किया जाए।

रामदेव ने यह भी कहा कि पिछले दिनों एक अन्य विवाद सामने आया था, जिसे उन्होंने बातचीत के माध्यम से वहीं समाप्त कर दिया था। उन्होंने अपने जीवन के उद्देश्य को देशसेवा से जोड़ते हुए कहा कि उनका लक्ष्य बड़े सामाजिक और राष्ट्रीय उद्देश्य के लिए काम करना है।

दोनों के बीच मुलाकात के बाद विवाद समाप्त होने की घोषणा से मामले में नया मोड़ आया है। हालांकि पतंजलि की ओर से दाखिल मानहानि दावे की कानूनी स्थिति और आगे की प्रक्रिया अलग विषय है, जबकि रामदेव के बयान से स्पष्ट है कि व्यक्तिगत स्तर पर दोनों के बीच पैदा हुई गलतफहमी अब दूर हो गई है।