महाकुम्भ नगर, (एजेंसी)।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को सर्किट हाउस में महाकुम्भ के अवसर पर प्रसार भारती के एफएम चैनल कुम्भवाणी का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने एफएम चैनल के सफल होने की आकांक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा विश्वास है कि यह एफएम चैनल न सिर्फ लोकप्रियता की नई ऊंचाई हासिल करेगा, बल्कि महाकुम्भ को दूरदराज के उन गांवों तक भी ले जाएगा, जहां लोग चाहकर भी यहां नहीं पहुंच पाते। इन सुविधाओं के माध्यम से हम महाकुम्भ की हर जानकारी उन लोगों तक पहुंचाएंगे।
योगी ने कहा कि दूर-दराज में रहने वालों के लिए इस तरह का सजीव प्रसारण करना उन्हें सनातन गौरव के इस महासमागम को जानने, सुनने और आने वाली पीढ़ी को बताने का अवसर प्रदान करेगा।
सीएम ने कुम्भवाणी चैनल शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सूचना प्रसारण मंत्रालय, और प्रसार भारती को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि लोक परंपरा और लोक संस्कृति को आमजन तक पहुंचाने का सबसे पहला माध्यम आकाशवाणी था।
मुझे याद है कि बचपन में हम आकाशवाणी के माध्यम से रामचरित मानस की पंक्तियों को बड़े ध्यान से सुना करते थे। समय के साथ तकनीक बदली और लोगों ने विजुअल माध्यम से दूरदर्शन के माध्यम से सचित्र उन दृश्यों को देखना प्रारंभ किया। बाद में निजी क्षेत्र के कई चैनल आए, लेकिन समय की प्रतिस्पर्धा को देखते हुए खुद को तैयार करना और दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रसार भारती ने 2013, 2019 और अब 2025 में कुम्भवाणी के नाम पर इस विशेष एफएम चैनल को शुरू करने की प्रक्रिया पूरी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि सनातन गौरव और गर्व का महाआयोजन है। यह एक महासमागम है।
सनातन धर्म के गौरव और गरिमा को देखना हो तो कुम्भ का दर्शन करें। यहां आकर अवलोकन करें। जो लोग सनातन धर्म को संकीर्ण दृष्टि से देखते हैं और साम्प्रदायिक मतभेद, भेदभाव या छुआछूत के नाम पर लोगों को बांटने का प्रयास करते हैं, उन्हें यहां आकर देखना चाहिए।
यहां न पंथ का भेद है, न जाति का, न छुआछूत है, न लिंग का। सभी पंथ और संप्रदाय एक साथ स्नान करते हैं और आस्था की डुबकी लगाकर सनातन गर्व के संदेश को पूरे देश और दुनिया तक लेकर जाते हैं।
योगी ने कहा कि दुनिया के अनेक लोगों का यहां आगमन शुरू हो चुका है। वे आस्था की डुबकी लगाकर अध्यात्म की गहराई को समझने का प्रयास कर रहे हैं। यह अद्भुत क्षण है और प्रसार भारती ने कुम्भवाणी के माध्यम से इसे प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।
महाकुम्भ के कार्यक्रमों को न सिर्फ आंखों देखे हाल के माध्यम से बल्कि आयोजन से जुड़े धार्मिक उद्धरणों को भी दूरदराज के गांवों में प्रसारित करने का काम कुम्भवाणी करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी हम सनातन धर्म के गौरव को ईमानदारी के साथ आगे बढ़ाएंगे, तो आमजन के मन में इसके प्रति सच्ची श्रद्धा का भाव उत्पन्न होगा।
उन्होंने कहा कि जब कोविड महामारी और लॉकडाउन के दौरान दूरदर्शन ने रामायण सीरियल दिखाना शुरू किया, तो इसकी टीआरपी बहुत बढ़ गई थी।
आज एफएम चैनल युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं। निश्चित रूप से इसका लाभ प्रसार भारती को प्राप्त होगा।


