मल्लिकार्जुन खरगे ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर दी श्रद्धांजलि, भाजपा और आरएसएस पर भी साधा निशाना
नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने श्रीकृष्ण सिंह को बिहार में लोकतंत्र की नींव मजबूत करने वाला अग्रणी नेता बताया। खरगे ने कहा कि श्री बाबू ने जमींदारी प्रथा समाप्त करने और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए काम कर सामाजिक न्याय के नए अध्याय की शुरुआत की।
खरगे ने बिहार को लोकतंत्र की जन्मभूमि बताते हुए इस पवित्र धरती पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने पर आयोजन समिति का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पूरा देश श्री बाबू के योगदान को याद करता है।
बिहार में कांग्रेस सरकारों के इतिहास का उल्लेख करते हुए खरगे ने कहा कि वर्ष 1937 में श्रीकृष्ण सिंह के नेतृत्व में पहली कांग्रेस सरकार बनी थी। इसके बाद 1947 में दूसरी सरकार स्थापित हुई। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश शासन के दौरान मुख्यमंत्री को ‘प्रीमियर’ कहा जाता था। भारतीय संविधान के तहत वर्ष 1952 में हुए पहले विधानसभा चुनाव के बाद श्री बाबू तीन जनवरी 1961 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे।
आरएसएस और भाजपा पर लगाए आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि संघ की विचारधारा को लेकर देश में अलग-अलग विचार हो सकते हैं, लेकिन उनके अनुसार इसकी स्थापना के समय से ही इसकी गतिविधियां इसी विचारधारा से जुड़ी रही हैं। खरगे ने कहा कि जब तक देश में आरएसएस की विचारधारा बनी रहेगी, तब तक शांति स्थापित करना मुश्किल होगा।
उन्होंने बिहार की जनता से एसआईआर के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का समर्थन करने की अपील करते हुए इसे आजादी की दूसरी लड़ाई बताया। खरगे ने भाजपा और आरएसएस पर बिहार के प्रमुख नेताओं, जैसे डॉ. राजेंद्र प्रसाद, की विरासत को समाप्त करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
नीतीश कुमार के फैसले पर जताया दुख
खरगे ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि समाजवादी विचारधारा से निकले नीतीश कुमार जैसे नेता भी उन लोगों के साथ चले गए, जिनकी विचारधारा आरएसएस से जुड़ी है। उन्होंने अपने राजनीतिक विचार रखते हुए कहा कि यह वैचारिक बदलाव उनके लिए चिंता का विषय है।
कथित ‘शुद्धीकरण’ की घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस घटना में शामिल लोगों की पहचान करना जरूरी है। उन्होंने सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना की रक्षा के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी।
