नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्राओं के लिए छात्रावासों की कमी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से सवाल किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बड़े स्तर पर हुए दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि यदि सरकार के पास दीये जलाने के लिए संसाधन हैं तो छात्राओं के लिए छात्रावास क्यों नहीं बनाए जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा से हुई बातचीत का जिक्र किया। छात्रा ने उच्च शिक्षा के लिए इंदौर आने के बाद सुरक्षित और कम खर्च में रहने की परेशानी के बारे में बताया था।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रा पढ़ाई के लिए गांव से इंदौर आई थी, लेकिन छात्रावास की सुविधा नहीं होने के कारण उसे पीजी में रहना पड़ा। उनके मुताबिक, सुरक्षित रहने के लिए छात्रा को बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है और हर महीने किराये की चिंता के बीच पढ़ाई करनी पड़ती है।
उन्होंने छात्राओं के आवास भत्ते का मुद्दा भी उठाया। राहुल गांधी ने कहा कि महंगाई के साथ आवास भत्ता नहीं बढ़ता और इसमें भ्रष्टाचार की समस्या भी है। उन्होंने दावा किया कि रहने की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई लड़कियां अपनी पढ़ाई छोड़ देती हैं।
मध्य प्रदेश में 3.55 करोड़ दीये जलाए गए
राहुल गांधी की टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मध्य प्रदेश में हुए बड़े दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम के कुछ दिन बाद आई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 17 सितंबर को मध्य प्रदेश में करीब 3.55 करोड़ दीये जलाए गए थे। उज्जैन में शिप्रा नदी के घाटों और महाकाल लोक में 33.27 लाख दीये जलाए गए।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इस दीप प्रज्ज्वलन अभियान पर कुल सरकारी खर्च का कोई आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं बताया गया है। इसलिए दीयों पर खर्च की गई राशि को छात्रावास निर्माण के लिए उपलब्ध धन से सीधे जोड़ने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
राहुल गांधी ने अपने बयान के जरिए छात्राओं के लिए सुरक्षित और किफायती आवास की आवश्यकता को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।


