40 लाख के कर्ज और पिता की अय्याशी से परेशान था बेटा, रिमांड में सुब्रत ने कबूली हत्या की साजिश

कानपुर | संवाददाता

कानपुर के कल्याणपुर-इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान मृतक के बेटे सुब्रत ने कथित तौर पर पिता की हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, करीब 40 लाख रुपये का कर्ज, जुआ-सट्टा और कैसीनो की लत तथा पिता के निजी जीवन से जुड़ी बातों को लेकर सुब्रत लंबे समय से तनाव में था।

पांच सितंबर की देर रात 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की उनके फ्लैट में हत्या कर दी गई थी। अगले दिन सुबह करीब 4:13 बजे परिवार के सदस्य लौटे तो कमरे में विनीत का खून से लथपथ शव मिला। उनके गले पर चोट के निशान थे और शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए जाने के निशान पाए गए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

जांच के दौरान अपार्टमेंट की गैलरी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस को फुटेज में दो संदिग्ध लोगों के फ्लैट में आने-जाने की जानकारी मिली। इनमें एक मृतक का पुराना कर्मचारी भी था। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। हत्या के आरोप में बाद में विनीत की बहू शालू, पुराने नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर को जेल भेजा गया।

हालांकि जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस का शक मृतक के बेटे सुब्रत पर भी गहराता गया। पुलिस ने रिमांड के दौरान सुब्रत, शालू और विशाल का आमना-सामना कराया। पुलिस के मुताबिक डिजिटल साक्ष्यों, बयानों और पूछताछ के दौरान सामने आई परिस्थितियों के बाद बुधवार रात करीब 2:30 बजे सुब्रत ने हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की।

कर्ज ने बढ़ाई मुश्किलें

पुलिस के अनुसार सुब्रत पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज था। जुआ, सट्टा, कैसीनो और महंगी शराब जैसे शौक के चलते उस पर आर्थिक दबाव बढ़ता गया था। बताया गया कि कर्ज की रकम में करीब 14 लाख रुपये वह रकम भी शामिल थी, जो शालू ने अपने पिता से लेकर सुब्रत की मदद के लिए दी थी। सुब्रत को हर महीने करीब 55 हजार रुपये की किस्त चुकानी पड़ती थी।

पुलिस का कहना है कि आर्थिक परेशानी के साथ पिता और बेटे के बीच संबंध भी तनावपूर्ण हो गए थे। सुब्रत ने पुलिस को बताया कि पिता के निजी जीवन और महिलाओं से संबंधों को लेकर वह परेशान था। उसे यह आशंका भी सताने लगी थी कि भविष्य में परिवार की संपत्ति को लेकर विवाद खड़ा हो सकता है।

पहले हादसे में हत्या की थी योजना

पूछताछ में सामने आया कि शुरुआत में विनीत की मौत को दुर्घटना का रूप देने की योजना बनाई गई थी। बाद में साजिश का तरीका बदल गया और हत्या को अंजाम दिया गया। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका और उनके बीच संपर्कों की विस्तृत जांच कर रही है।

शालू की भूमिका पर पुलिस को अभी ठोस सबूत नहीं

पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभी तक शालू के खिलाफ हत्या में सीधे शामिल होने का कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। ऐसे में पुलिस उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में उसके खिलाफ पर्याप्त प्रमाण नहीं मिलते हैं तो उसके संबंध में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

45 वर्षों से दवा कारोबार से जुड़े थे विनीत

विनीत मिनोचा करीब 45 वर्षों से दवा कारोबार से जुड़े थे। बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ के नाम से उनकी दवा की फर्म संचालित थी। परिवार में बेटा सुब्रत, बहू शालू और छह वर्षीय पोता श्रीजय हैं। उनकी पत्नी पुनीता गाजियाबाद में मैरिज काउंसलर हैं। विवाहित बेटी शुभानी और दामाद गुरुग्राम में रहते हैं और दोनों इंजीनियर हैं।

पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि हत्या की साजिश कब और कैसे तैयार हुई, इसमें किस-किस व्यक्ति की भूमिका रही और वारदात को अंजाम देने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था। मामले में सामने आए नए तथ्यों के बाद पुलिस की जांच एक बार फिर महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है।