नई दिल्ली, एजेंसी। राहुल गांधी ने एक बार फिर से छात्र आंदोलन के सहारे केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर कहा कि भारत के युवाओं ने मोदी जी के हिंसक शासन के सामने जिस साहस और मजबूती से खड़े होकर जवाबदेही की मांग की, वह काबिल-ए-तारीफ है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 22 अगस्त को महाराष्ट्र के पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले एक वीडियो शेयर किया है। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं ने इस शासन के सामने जिस साहस और मजबूती से खड़े होकर जवाबदेही की मांग की, वह काबिल-ए-तारीफ है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भारत के युवाओं ने मोदी जी के हिंसक शासन के सामने जिस साहस और मजबूती से खड़े होकर जवाबदेही की मांग की, वह काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने शांति, मोहब्बत और हंसी-मजाक के साथ अपनी आवाज बुलंद की।”
नेता प्रतिपक्ष ने लिखा, “मुझे हर एक युवा पर गर्व है, खासकर उन लड़कियों पर, जिन्हें भाजपा के गुंडों की बदसलूकी, गाली-गलौज और हिंसा का सामना करना पड़ा, यहां तक कि उन्हें प्रधानमंत्री से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। लेकिन अब उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकेगी।”
राहुल ने पोस्ट में कहा, “22 अगस्त को ‘छात्रों की गूंज’ पुणे पहुंच रही है और इस बार का कार्यक्रम सिर्फ लड़कियों के लिए होगा। अब लड़कियां बोलेंगी, देश सुनेगा।” इसके साथ ही उन्होंने इस कार्यक्रम से जुड़ने के लिए एक लिंक भी शेयर किया।
साथ ही, राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल रहे पांच युवक-युवतियों से संवाद का एक वीडियो भी शेयर किया। राहुल से बातचीत के दौरान लड़कियों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की।
एक लड़की ने कहा, “पुलिसवाले हमसे कह रहे थे कि आप देशद्रोही हैं।” लड़कियों ने आरोप लगाया कि उन्हें सोशल मीडिया पर धमकियां और गालियां मिल रही थीं।
इसी संवाद के दौरान एक युवक ने आरोप लगाया कि जितने भी अधिकारी वहां थे, वे भाजपा के फेवर में थे। उसने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो वे इतना बड़ा कदम नहीं उठाते। युवक ने दावा किया कि उन्होंने दो दिन पहले ही वीडियो शेयर किए थे, जिनमें पत्थरों से भरी गाड़ियां आती दिखाई दे रही थीं और आरोप लगाया कि उन गाड़ियों को प्लांट किया गया था।


