कानपुर। कानपुर में संपत्ति का ब्योरा न देने वाले पुलिसकर्मियों के बाद अब प्रशासनिक कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। सोमवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर 100 से अधिक ऐसे कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया, जिन्होंने अब तक संपत्ति की जानकारी नहीं दी है। इसके अलावा, कलेक्ट्रेट की हर फाइल ऑनलाइन करने में डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (डीएससी) न बनवाने पर आठ कर्मियों का वेतन रोकने का आदेश जिलाधिकारी ने दिया है। ये सभी कर्मचारी अलग-अलग पटल में लेखा समेत दूसरे काम देख रहे हैं।
मानव संपदा पोर्टल पर सभी प्रशासनिक अफसरों और कर्मचारियों को अपनी-अपनी संपत्ति का ब्योरा बताने का निर्देश शासन से मिला था। हर साल यह प्रक्रिया की जाती है। इस बार संपत्ति का ब्योरा अपलोड करने में चारों तहसीलों में लगभग 100 ऐसे कर्मी सामने आए हैं।
मंडलायुक्त ने कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, राजेश कुमार, ने बताया कि संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर बताने के लिए 15 दिन पहले निर्देश दिए गए थे। अभी तक जानकारी नहीं देने वालों की सूची तैयार कराई गई है। वेतन रोकने के साथ ही अब आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन के साथ ही पूरे मंडल में भी ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश मंडलायुक्त की तरफ से दिया गया है।

