कानपुर। शनिवार को भी मायका पक्ष ने हंगामा किया था। परिजन पोस्टमार्टम हाउस में आक्रोशित थे। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिया था। कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर चकेरी एयरपोर्ट के पास शव रखकर बवाल और पुलिस पर पथराव की घटना में पुलिस का सुस्त रवैया भी बड़ा कारण बना। एक दिन पहले से हंगामा चल रहा था। इसके बाद भी पुलिस परिजनों का गुस्सा नहीं भांप सकी और इस लापरवाही ने बवाल का रूप ले लिया।

महाराजपुर में विवाहिता की मौत के बाद हंगामा

महाराजपुर में विवाहिता माला (35) के फंदे से लटकने की सूचना पर शनिवार को मायके पक्ष के लोग लालूपुर गांव पहुंचे। परिजन ने पति मुन्ना पर अवैध संबंधों का विरोध करने पर प्रताड़ित करने और पीट-पीटकर मार डालने का आरोप लगाया था।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया था। परिजन पुलिस से मुकदमा लिखने की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कहती रही।

रविवार को पोस्टमार्टम हाउस में भी परिजन आक्रोशित दिखे। इसके बावजूद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर इतिश्री कर ली। कार्रवाई का भी स्पष्ट भरोसा नहीं दिया गया। यही कारण रहा कि परिजन शव लेकर चकेरी एयरपोर्ट के पास हाईवे पर पहुंच गए और शव सड़क पर रख दिया।

इससे अहिरवां से महाराजपुर की ओर जाने वाली लेन बाधित हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक चले बवाल के बाद हालात सामान्य हो सके।

पुलिस के अनुसार, भीड़ में शामिल अधिकांश महिलाएं और पुरुष नशे की हालत में थे। परिजन ने देर शाम सिद्धनाथ घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।

मृतका के चाचा का आरोप है कि वे शव लेकर जा रहे थे, तभी पुलिसकर्मी ने उन पर लाठी भांजी, जिससे उनके हाथ में चोट लग गई। वहीं, जाना गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए एक टुकड़ी पीएसी की तैनात की गई है।

पांच किमी तक लगा जाम

बवाल के बाद अहिरवां से महाराजपुर जाने वाली एक लेन पूरी तरह ब्लॉक हो गई। पथराव होने पर दोनों छोर पर ट्रैफिक रुक गया। इसके चलते करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। कई वाहन जहां के तहां फंसे रहे।

पुलिस ने जब लाठी पटककर लोगों को खदेड़ा तो भगदड़ मच गई। लोग डिवाइडर क्रॉस कर भागने लगे। शाम सात बजे के बाद यातायात सामान्य हो सका।

बिना तैयारी के पहुंची पुलिस फोर्स

हाईवे पर बवाल की सूचना के बाद चकेरी और महाराजपुर थाने की फोर्स मौके पर पहुंची। हालांकि, इस दौरान न तो पुलिसकर्मियों ने बॉडी प्रोटेक्टर पहन रखा था और न ही हेलमेट लगाया था।

कुछ माह पहले ही कमिश्नरेट के सभी थानों की गाड़ियों की छत पर दंगा रोधी उपकरणों का बॉक्स फिट कराया गया था। परिजनों की ओर से अचानक पथराव होने पर तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।

हमले के बाद आलाधिकारी, पीएसी की एक टुकड़ी और चार थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने गाड़ियों से लाठी, हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर निकालकर पहने। इसके बाद लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ा गया।

एक घंटे पहले ही ससुराल आई थी विवाहिता

महाराजपुर के शेखपुर गांव निवासी माला की शादी आठ वर्ष पूर्व लालूपुर निवासी मुन्ना निषाद से हुई थी।

परिजनों के मुताबिक, शनिवार को माला की तबीयत खराब थी। इस पर ताऊ के बेटे सनी ने उन्हें दवा दिलाई और दोपहर करीब तीन बजे ससुराल छोड़कर चला गया।

करीब एक घंटे बाद पति मुन्ना ने सनी को फोन कर माला के खुदकुशी करने की जानकारी दी। परिजनों का आरोप है कि पति के दूसरी महिला से संबंध थे। विरोध करने पर वह आए दिन माला को पीटता था।