भाजपा ने सहयोगी शिवसेना पर लगाया साथ नहीं देने का आरोप, चुनाव परिणामों की समीक्षा की मांग

नई दिल्ली। एजेंसी।

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर मतभेद सामने आने लगे हैं। पांच सीटों पर हुए चुनाव में विपक्षी महाविकास आघाड़ी (एमवीए) ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को दो सीटों से संतोष करना पड़ा। इसके बाद भाजपा नेताओं ने सहयोगी शिवसेना पर चुनाव में अपेक्षित सहयोग नहीं करने और गठबंधन को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।

महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने आरोप लगाया कि शिवसेना ने पुणे और नागपुर की सीटों पर गठबंधन के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। उनके मुताबिक, पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप को अंतिम समय में समर्थन देने से महायुति की एकजुटता प्रभावित हुई।

चुनाव परिणामों के बाद भाजपा के कुछ नेताओं ने नतीजों की समीक्षा की मांग की है। उनका मानना है कि गठबंधन के सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल होता तो प्रदर्शन में सुधार संभव था।

वहीं, विपक्षी महाविकास आघाड़ी की तीन सीटों पर जीत को उसके लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव परिणामों ने राज्य की राजनीति में गठबंधन की एकजुटता और सहयोगी दलों के बीच समन्वय को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

हालांकि, इन आरोपों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि महायुति के घटक दल आपसी मतभेदों को किस तरह दूर करते हैं। आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिहाज से गठबंधन की एकता और चुनावी रणनीति दोनों की परीक्षा होगी।