लखनऊ, संवाददाता। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चंदे के प्रबंधन में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने किसी दल का नाम लिए बिना कहा कि अयोध्या का मुद्दा वही लोग उठा रहे हैं, जिन्होंने पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि यही वे लोग हैं जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं और जय श्रीराम का नारा लगाने वालों पर लाठीचार्ज व गोलीबारी कराई थी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जो लोग आज मंदिर के चंदे के प्रबंधन पर सवाल उठा रहे हैं, उन्होंने पहले कानूनी अड़चनें डालकर राम मंदिर निर्माण में देरी कराने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि वे राम मंदिर के लिए मिले दान में गड़बड़ी की बात तो करते हैं, लेकिन मंदिर निर्माण के लिए उनकी जेब से एक पैसा भी नहीं निकला। देश और दुनिया उनके दोहरे मापदंड देख रही है। मुख्यमंत्री का यह बयान उस समय आया, जब समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने विधानसभा के पहले दिन सदन के बाहर अयोध्या राम मंदिर चंदा प्रकरण, नीट पेपर लीक, बिजली संकट और खाद की कमी जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने तीन दिन का विधानसभा सत्र बुलाने पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश में कई महत्वपूर्ण समस्याएं हैं, लेकिन सरकार उन पर चर्चा से बच रही है। प्रदर्शन के दौरान सपा विधायकों ने “चंदा चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए और भाजपा सरकार पर जनता की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सपा बिना किसी ठोस एजेंडे के मुद्दे खड़े करने की कोशिश कर रही है। वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी विपक्ष पर मुद्दों और एजेंडे की कमी का आरोप लगाया।