कानपुर। कानपुर नगर निगम में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एसआईटी की टीम ने चीफ इंजीनियर कार्यालय में औचक छापेमारी की। प्रभारी एडीसीपी डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में टीम भुगतान और फर्म रजिस्ट्रेशन से जुड़ी फाइलों को खंगाल रही है।

कानपुर नगर निगम में कथित वित्तीय घोटालों और अनियमितताओं की परतें खोलने के लिए अब एसआईटी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। बुधवार को एसआईटी की टीम ने प्रभारी एडीसीपी डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में नगर निगम मुख्यालय स्थित मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) कार्यालय में अचानक पहुंचकर दस्तावेजों की गहन छानबीन शुरू कर दी।

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी पिछले दिनों सामने आए विभिन्न विकास कार्यों के भुगतानों, टेंडरों और फर्मों के रजिस्ट्रेशन से जुड़ी मूल फाइलों को अपने कब्जे में लेकर एक-एक पन्ने की बारीकी से जांच कर रही है। शुरुआती छानबीन के दौरान कैलाश देवी से जुड़े भुगतान और विकास कार्यों के दस्तावेजों में कई गंभीर अनियमितताएं और कमियां पाई गई हैं।

शीर्ष अधिकारियों से हो रही पूछताछ

टीम ने संदिग्ध दस्तावेजों के फोटो खींचकर उन्हें साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया है। जांच प्रक्रिया के दौरान मुख्य अभियंता एसएफए जैदी, अधिशासी अभियंता दिवाकर भास्कर, आरके सिंह समेत कई प्रमुख नगर निगम अधिकारियों को आमने-सामने बैठाकर फाइलों में मिली कमियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

एसआईटी की इस सख्त कार्रवाई से निगम के अन्य कर्मचारियों और ठेकेदारों में भी खलबली मची हुई है।