कांग्रेस ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया पर उठाए सवाल, एसआईआर रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई
नई दिल्ली। एजेंसी।
कांग्रेस ने मतदाता सूची में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि छह राज्यों में करीब 10 करोड़ लोगों की जांच के बाद केवल 1,600 संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान की गई है। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी प्रक्रिया के बावजूद सामने आए आंकड़ों के आधार पर मतदाताओं के अधिकारों को लेकर क्या निष्कर्ष निकाला जा रहा है।
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन के नाम पर बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित किए जाने का खतरा है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर इस प्रक्रिया के पीछे साजिश रचने का आरोप लगाया है। साथ ही, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों को दूर करना जरूरी है, लेकिन यह प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने वाली होनी चाहिए।
कांग्रेस ने एसआईआर पर रोक लगाने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है। पार्टी के मुताबिक, मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम अनुचित तरीके से हटाया नहीं जाना चाहिए।
मतदाता सूची का शुद्धिकरण चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इस मुद्दे पर निर्वाचन आयोग का पक्ष और प्रक्रिया से जुड़े विस्तृत आधिकारिक आंकड़े भी महत्वपूर्ण होंगे।