प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को विश्वास जताया कि उनके इस तीसरे कार्यकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में सफल होगी और इस दौरान भारत गरीबी की लड़ाई में भी जीत हासिल करेगा। मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 20 घंटे हुयी चर्चा का जबाव देते हुये कहा “ हमारी संसदीय परंपरा में बहुत वर्षों बाद देश की जनता ने एक सरकार को तीसरी बार सेवा का मौका दिया है। 60 वर्षों के बाद फिर से एक ही सरकार की वापसी हुयी है। भारतीय लोकतंत्र में छह दशक की यह असामान्य घटना है।” उन्होंने कहा कि देश के कुछ लोग इस विजय को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं लेकिन पिछले दो दिनों से यह देख हा हूं कि पराजय भी स्वीकार हो रही है और विजय भी स्वीकार हो रही है। मोदी ने कहा “पिछले 10 वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक तनाव के बावजूद 10 व स्थान से पांचवे स्थान पर पहुंचाया गया है। इस बार देश की जनता ने पांच नंबर से तीन नंबर की अर्थव्यवस्था तक पहुंचाने के लिए जनादेश दिया है। देश की जनता ने जो जनादेश दिया है उनके अनुरूप भारत को दुनिया की शीर्ष तीन में शामिल करके रहेंगे। सदन में कुछ ऐसे विद्धान हैं जो मानते हैं कि यह तो अपने आप हो जायेगा। वे आॅटो मोड में सरकार को चलाते हैं। वे कुछ करने में विश्वास नहीं करते हैं। लेकिन हम परिश्रम में कोई कमी नहीं छोड़ते हैं। पिछले 10 वर्षों में हमने जो किया है उसकी गति भी बढ़ायेंगे और उसमें गहराई भी होगी और ऊंचाई भी होगी। उन्होंने कहा “ चुनाव प्रचार के दौरान देशवासियों को मैंने कहा था कि 10 वर्षों का कामकाज तो अभी शुरूआत है। मुख्य काम तो अब होगा। एक गरिमा पूर्ण जीवन जीने के लिए जिन सुविधाओं की आवश्यकता होती है , सरकार इन मूलभूत सुविधाओं को विकास के तौर पर उपयोग करना चाहती हैं। आने वाले पांच वर्ष गरीबी के खिलाफ गरीबों की लड़ाई के लिए महत्वपूर्ण है। आने वाले पांच वर्ष इसलिए गरीबी के खिलाफ लडाई के वर्ष है।
