महिला पत्रकारों के उत्पीड़न पर भड़कीं प्रियंका, पीएम से मांगा जवाब
नई दिल्ली। एजेंसी। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि इस मामले पर अब तक ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की रिपोर्टिंग करने पहुंची महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मामले में कार्रवाई की मांग की।
प्रियंका गांधी के मुताबिक, दर्जनों पत्रकारों द्वारा विरोध जताए जाने के बावजूद कथित घटना को लेकर न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारों को घटनाओं की रिपोर्टिंग करने का अधिकार है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान उनके साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। खासकर महिला पत्रकारों के साथ कथित उत्पीड़न का मामला गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से मामले में जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि यदि आरोप सही हैं तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब पत्रकारों की ओर से शिकायत और विरोध दर्ज कराया गया है तो प्राथमिकी दर्ज करने और जांच शुरू करने में देरी क्यों हो रही है।
कांग्रेस नेता ने मामले को लेकर सरकार की जवाबदेही पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। किसी भी शिकायत को नजरअंदाज करने के बजाय उसकी गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस ने आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि घटना को लेकर संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।
