अभिजीत दीपके बोले- चुनाव प्रक्रिया और एआई के कथित इस्तेमाल को लेकर उठ रही चिंताओं पर सभी दल एकजुट हों
मुंबई, एजेंसी।
मुंबई में ‘कोकणच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनावों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के कथित इस्तेमाल को लेकर नया आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क से ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू किया जाएगा। दीपके ने देश के सभी राजनीतिक दलों और लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
मुंबई पहुंचने के बाद दीपके ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग की कार्यप्रणाली जनहित से जुड़े सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताते हुए सामूहिक प्रयास की जरूरत बताई।
चुनावी प्रक्रिया में एआई के इस्तेमाल पर सवाल
दीपके ने चुनावों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की ओर से उठाई गई चिंताओं का समर्थन किया। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान करने के लिए सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को साथ आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश में बदलाव के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। हालांकि, एआई के कथित दुरुपयोग और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं, जिन पर चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
दीपके ने दोहराया कि गांधी जयंती पर प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन के जरिए इन मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।
एसआईआर को लेकर विपक्ष का विरोध जारी
दीपके का यह ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर विपक्षी दलों का चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध तेज है। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है।
इसी बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे और यूबीटी सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी।
4 अक्टूबर को मुंबई में मार्च
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में 4 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध मार्च निकालने की घोषणा की गई है। प्रस्तावित मार्च भायखला से शुरू होकर बीएमसी मुख्यालय तक जाने की बात कही गई है।
एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाती रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्षों से इन मुद्दों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी चिंताओं का समाधान नहीं हुआ है।
चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची के पुनरीक्षण, ईवीएम और एआई के इस्तेमाल से जुड़े इन विवादों के बीच महाराष्ट्र में विपक्षी दलों की गतिविधियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। आने वाले दिनों में प्रस्तावित आंदोलनों के जरिए ये मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रहने की संभावना है।