कोलकाता (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकारों पर केंद्र के साथ सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसकी वजह से राज्य को काफी नुकसान हुआ। उन्होंने 34 साल के कम्युनिस्ट शासन और 15 साल के टीएमसी शासन के दौरान केंद्र के साथ टकराव की राजनीति करने का आरोप लगाया।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अब ‘डबल इंजन’ सरकार पूरी रफ्तार से काम कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में बंगाल को विकसित करने का प्रयास जारी है। इस दौरान जीआरएसई और यंत्र इंडिया लिमिटेड की पांच ब्राउनफील्ड विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार में केंद्र सरकार या उसके विभिन्न विभागों के साथ मिलकर काम करने की कोई इच्छा नहीं थी। इसका नुकसान राज्य को बड़े पैमाने पर उठाना पड़ा।”
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के पास विकास के लिए जमीन, कुशल मानव संसाधन, बुनियादी ढांचा, कच्चा माल और अन्य सभी जरूरी संसाधनों की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद पहले राज्य में वह ‘डबल इंजन’ सरकार नहीं थी, जो केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल के साथ विकास को गति दे सके।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आजादी से पहले और आजादी के बाद भी पश्चिम बंगाल ने देश के निवेश और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में 34 साल के कम्युनिस्ट शासन और उसके बाद 15 साल के टीएमसी शासन के दौरान केंद्र के साथ लगातार टकराव और विरोध का रवैया देखने को मिला।
उनके मुताबिक, इस नकारात्मक सोच के कारण पश्चिम बंगाल अपनी क्षमता के अनुरूप आगे नहीं बढ़ सका। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “50 साल से चली आ रही यह नकारात्मकता अब खत्म हो चुकी है।”
