कानपुर, संवाददाता। कानपुर जिला कारागार में बंद वाहन चोरी के 22 वर्षीय आरोपी आसिफ की हैलट अस्पताल में उपचार के दौरान गुरुवार रात मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जेल के भंडार गृह में काम के दबाव के दौरान बंदी रक्षकों ने आसिफ के सीने पर बेलन से वार किया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार, चौबेपुर के दरियागंज गांव निवासी आसिफ को पुलिस ने पांच अगस्त को वाहन चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर माती जेल भेजा था। करीब एक महीने बाद उसे कानपुर जिला कारागार में स्थानांतरित कर दिया गया था।
आसिफ की मां हसीमा और मामा नियाज का आरोप है कि जिला जेल के भंडार गृह में उसकी ड्यूटी लगाई गई थी। वहां उससे भारी सामान उठाने का दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों के मुताबिक, शारीरिक कमजोरी के कारण आसिफ ने भारी सामान उठाने से इनकार किया तो एक बंदी रक्षक ने उसके सीने पर बेलन से वार कर दिया। आरोप है कि मारपीट में गंभीर चोट लगने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई।
परिजनों का कहना है कि जेल प्रशासन ने आसिफ को उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों ने जेल में मारपीट का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आसिफ की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
कोतवाली इंस्पेक्टर अरुण कुमार द्विवेदी ने बताया कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
