बोले- अखिलेश ने नहीं, एसआईटी ने धमकाकर लिखवाया बयान
कानपुर। संवाददाता।
अधिवक्ता अखिलेश दुबे से जुड़े मामले में सुरेश पाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके ऊपर दबाव बनाकर बयान दर्ज कराया गया था। सुरेश पाल का दावा है कि उन्हें पॉक्सो के मुकदमे को दोबारा खोलकर जेल भेजने की धमकी दी गई और इसी दबाव में उनसे मनचाहा बयान लिया गया।
सुरेश पाल के मुताबिक उन्हें कानपुर बुलाया गया और मामले को लेकर पूछताछ की गई। उनका आरोप है कि एसआईटी के अधिकारियों ने पहले धमकाया और इसके बाद अखिलेश दुबे का नाम लेने के लिए दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि उनसे सादे कागजों पर भी हस्ताक्षर कराए गए।
टाइपशुदा बयान पर भी हस्ताक्षर कराने का आरोप
सुरेश पाल ने आरोप लगाया कि एसआईटी की ओर से तैयार टाइपशुदा तहरीर पर भी दबाव बनाकर उनके हस्ताक्षर कराए गए। उनका कहना है कि जिस तरह का बयान अधिकारियों की ओर से बताया गया, उसी के अनुरूप बयान देने के लिए उन पर दबाव बनाया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पॉक्सो मामले को फिर से खोलने और जेल भेजने की धमकी देकर उन्हें मानसिक दबाव में रखा गया। सुरेश पाल के इन आरोपों के बाद मामले की जांच और पूर्व में दर्ज बयानों की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
हालांकि, सुरेश पाल की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में एसआईटी का पक्ष और जांच से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
जांच की निष्पक्षता पर उठे सवाल
मामले में सामने आए आरोपों के बाद जांच प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों की भूमिका और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब निगाह इस बात पर है कि जांच एजेंसी इन आरोपों पर क्या स्पष्टीकरण देती है और संबंधित दस्तावेजों में दर्ज तथ्यों की क्या स्थिति सामने आती है।

