लखनऊ के नौसेना शौर्य संग्रहालय में बनेगा वाटर बॉडी, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

आज का चौपाल | संवाददाता, लखनऊ।

उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में शुक्रवार को कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई बैठक में जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ करने, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराने और लखनऊ स्थित नौसेना शौर्य संग्रहालय के विस्तार से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रहे।

जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलने का प्रस्ताव मंजूर

कैबिनेट ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उनके योगदान के प्रति सम्मान और आभार का प्रतीक बताया।

बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री ने सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्षों की निरंतर सार्वजनिक सेवा पूरी की। इस यात्रा को ‘सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम’ की भावना से जुड़ा बताया गया।

उज्ज्वला लाभार्थियों को दो मुफ्त सिलेंडर रिफिल

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। सरकार पिछले वित्तीय वर्षों में होली और दीपावली के अवसर पर दो चरणों में मुफ्त सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराती रही है।

सरकार के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना और रसोई में धुएं से होने वाले नुकसान को कम करना है। इससे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

नौसेना शौर्य संग्रहालय का होगा विस्तार

लखनऊ में विकसित किए जा रहे नौसेना शौर्य संग्रहालय को नया स्वरूप देने की दिशा में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। संग्रहालय के तीसरे चरण के तहत वाटर बॉडी विकसित करने के लिए लगभग 6.8 एकड़ भूमि पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

इस परियोजना के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) संबंधित भूमि पर्यटन विभाग को एक लाख रुपये की टोकन मनी पर उपलब्ध कराएगा। साथ ही संग्रहालय परिसर के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी एलडीए को सौंपने का निर्णय लिया गया।

परियोजना के तहत नौसेना के जहाजों की प्रतिकृतियां, बोटिंग, लाइट एंड साउंड शो और जलीय जीवन तथा समुद्री जैव विविधता से संबंधित प्रदर्शनियां विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य संग्रहालय को ऐसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है, जहां लोग देश के समुद्री इतिहास और नौसेना की तकनीक से परिचित होने के साथ मनोरंजन का भी आनंद ले सकें।

इन फैसलों के जरिए राज्य सरकार ने हवाई परिवहन, जनकल्याण और पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में आगे की योजनाओं को गति देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।