पटना। बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष एवं राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने रविवार को केंद्र और बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 45 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार इस गंभीर संकट को लेकर गंभीर नहीं हैं।
तेजस्वी यादव ने पटना स्थित अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने, प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और विशेष आर्थिक पैकेज उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री को भी इस संबंध में पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर कोई गंभीर कार्रवाई नहीं हुई है।
केंद्र से पर्याप्त सहायता नहीं मिलने का आरोप
तेजस्वी ने कहा कि बिहार से एनडीए के 31 लोकसभा सांसद और सात केंद्रीय मंत्री हैं। इसके बावजूद बाढ़ की विभीषिका झेल रहे लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के केंद्रीय मंत्री केंद्र से राज्य के लिए पर्याप्त सहायता राशि दिलाने में प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जुलाई में आकस्मिक निधि से करीब 4,000 करोड़ रुपये निकाले और दावा किया कि इसका इस्तेमाल वेतन तथा अन्य मदों में किया गया। उन्होंने सरकार के खजाने की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
बाढ़ पीड़ितों के लिए चल रहे सामुदायिक किचन पर भी सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चलाए जा रहे सामुदायिक किचन और रसोई की सूची उन्होंने सरकार से मांगी थी, लेकिन अब तक उन्हें यह सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बाढ़ पीड़ितों की वास्तविक स्थिति को सामने नहीं आने देना चाहती।
पिछली कोसी बाढ़ का किया जिक्र
राजद नेता ने कोसी में आई पिछली बड़ी बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के प्रयासों से बिहार को विशेष पैकेज मिला था। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट में भी केंद्र और राज्य सरकार को बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।