यूपी पुलिस में खेल कोटे से चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री बोले- 2017 से पहले नहीं था सीधी भर्ती का रास्ता
आज का चौपाल | संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत चयनित 470 खेल प्रतिभाओं को गुरुवार को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले प्रदेश में ‘पीडीए’ का अर्थ ‘प्रदेश डुबाओ अलायंस’ था, जबकि अब ‘एनडीए’ यानी ‘नौकरी दिलाओ अलायंस’ की सरकार है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में युवाओं को उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत चयनित अभ्यर्थियों में 43 उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस), 295 आरक्षी (नागरिक पुलिस) और 132 आरक्षी (पीएसी) शामिल हैं। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद खिलाड़ियों में उत्साह देखने को मिला।
‘यह सरकार का एहसान नहीं, आपकी मेहनत का परिणाम’
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि नियुक्ति उनके परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने पूछा कि क्या चयन के दौरान किसी ने उनसे पैसे की मांग की या किसी तरह की सिफारिश कराने की आवश्यकता पड़ी। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी किसी पर एहसान नहीं, बल्कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा का सम्मान है।
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का कोई व्यवस्थित रास्ता नहीं था। उनकी सरकार ने इस व्यवस्था को शुरू किया और अब बड़ी संख्या में खिलाड़ियों को पुलिस विभाग में अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि 500 से अधिक खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया अभी भी चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए भी सीधी भर्ती की व्यवस्था की गई है। ऐसे सात खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्ति दी जा चुकी है।
64 हजार हेक्टेयर भूमि को माफिया कब्जे से मुक्त कराने का दावा
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में एक समय ऐसा था जब लोग सूर्यास्त के बाद घर से निकलने में असहज महसूस करते थे। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने करीब 64 हजार हेक्टेयर भूमि को माफिया के कब्जे से मुक्त कराया है।
उन्होंने कहा कि सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल मैदान, मिनी स्टेडियम और मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही उत्तर प्रदेश में अपनी स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’
मुख्यमंत्री ने युवाओं से खेलों से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि खेल न केवल रोजगार का माध्यम हैं, बल्कि युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस संदेश का उल्लेख किया कि यदि कोई खिलाड़ी नशे के खिलाफ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बन सकता है तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन सकता है।
योगी ने डीजीपी को निर्देश दिया कि नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों को एक-एक गांव गोद देने की जिम्मेदारी दी जाए, ताकि वे वहां खेल गतिविधियों को बढ़ावा दें और स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन दे सकें।
‘प्रैक्टिस कभी मत छोड़ना’
मुख्यमंत्री ने चयनित खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे नौकरी मिलने के बाद भी अभ्यास जारी रखें। उन्होंने कहा कि असली प्रतिभा पसीना बहाने और लगातार अभ्यास करने से निखरती है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि यह उनकी मंजिल नहीं, बल्कि शुरुआत है और आगे पदोन्नति के कई अवसर उपलब्ध हैं।
युवाओं को सोशल मीडिया रील्स के बढ़ते चलन से सावधान करते हुए योगी ने कहा कि रील में कुछ समय के लिए लाइक मिल सकते हैं, लेकिन खेल जीवन में पहचान और अवसर देता है। उन्होंने युवाओं से खेल को करियर और जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी प्रतिभा का उपयोग समाज और प्रदेश के विकास में भी करें।
