वोट चोरी के आरोपों को लेकर भाजपा, आरएसएस और निर्वाचन आयोग पर साधा निशाना; बोले- जो कर रहे हैं, गलत कर रहे हैं, देश के खिलाफ है
नई दिल्ली। एजेंसी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर भाजपा, आरएसएस और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग और उसके अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे जो कर रहे हैं, वह गलत है और देश के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि समय आने पर जिम्मेदार लोगों को पकड़ा जाएगा।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कथित वोट चोरी को भारतीय लोगों के खिलाफ अपराध और संविधान पर हमला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के तहत जवाब देना होगा।
फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर भी विवाद
राहुल गांधी के बयान के बीच मतदाता पंजीकरण के फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर कथित मतभेदों की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने तथा फॉर्म-6 में किए गए बदलावों सहित कई मुद्दों पर आपत्तियां दर्ज की थीं।
पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने भी फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इन्हें ‘पूरी तरह गलत और अवैध’ बताया और निर्वाचन आयोग के भीतर कथित मतभेदों को गंभीर तथा दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
निर्वाचन आयोग ने सभी फैसले सर्वसम्मत बताए
वहीं, निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने आंतरिक मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि एसआईआर समेत आयोग के सभी फैसलों को तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी प्राप्त थी और फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। इस तरह फॉर्म-6 और एसआईआर को लेकर विपक्ष के आरोपों के बीच निर्वाचन आयोग का पक्ष अलग है।
नए मतदाताओं से जुड़ा है फॉर्म-6 विवाद
फॉर्म-6 नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार, ऑनलाइन फॉर्म में एसआईआर से संबंधित एक अतिरिक्त घोषणा शामिल की गई, जिसमें आवेदक से उसके या उसके माता-पिता के पिछले एसआईआर में दर्ज होने से संबंधित जानकारी मांगी गई। इसी बदलाव की वैधानिक प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर सवाल उठाए गए।
राहुल गांधी का ताजा बयान इसी व्यापक विवाद के बीच आया है। उन्होंने कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर अपनी पार्टी की आपत्तियों को दोहराते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
