मुंबई, एजेंसी। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी के वैध नाम और आधिकारिक चुनाव चिह्न को छीनने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये का सौदा किया गया। मीडिया से बात करते हुए श्री राउत ने महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम पर बेबाक राय रखी और दावा किया कि राज्य में एक “अयोग्य व्यक्ति” को अवैध तरीके से मुख्यमंत्री पद पर बैठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष प्रक्रियाओं को पूरी तरह दरकिनार कर दिया और अपना फैसला सुनाने से पहले उनकी पार्टी का पक्ष सुनने से मना कर दिया। राउत ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने एक मोहरे की तरह काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्दे के पीछे तालमेल के जरिए सैकड़ों करोड़ रुपये में पार्टी का नाम और उसका ऐतिहासिक ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न बेच दिया गया। राजनीतिक विभाजन का मुख्य सूत्रधार सीधे तौर पर गृह मंत्री शाह को ठहराते हुए श्री राउत ने दावा किया कि गृह मंत्री अब जवाबदेही से बचने के लिए भाग रहे हैं। राउत ने विदेश नीति को लेकर अपनी टिप्पणी में कहा कि केवल लोगों को गले लगाना विदेश नीति नहीं कहलाता, बल्कि विदेश नीति का वास्तविक उद्देश्य दुनिया भर में देश का मान बढ़ाना होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्री शाह से सवाल पूछते हुए श्री राउत ने कहा कि क्या परिसीमन विधेयक पारित कराने के लिए राजनीतिक दलों को तोड़ना और उनमें फूट डालना संवैधानिक है?
